धर्म/आध्यात्म
कमलकांत त्रिपाठी : रामकथा को लेकर कुछ प्रचलित भ्रांतियाँ.. रावण का व्यक्तित्व.. राक्षस कोई नस्ल नहीं थी…
रावण पुलस्त्य ऋषि (सप्तर्षियों में एक) का पौत्र और एक अन्य ऋषि विश्रवा का पुत्र था। उसकी माँ कैकशी असुर
Read moreध्रुव कुमार : योग- एक रहस्य.. नींद में ऐसे होता है योग…
आमतौर पर कुछ लोग योग को केवल व्यायाम मान लेते हैं। वैसे इसमें कोई बुराई नही है। योग हमारे शरीर
Read moreप्रसिद्ध पातकी : जगन्नाथ रथयात्रा.. जेहिं जय होइ सो स्यंदन आना
भगवान भी बस कौतुक प्रिय हैं. सात वार नौ त्योहर वाले इस समाज में उनका मन भी नित्य नयी लीलाएं
Read moreसत्या पाल : दादर की 18वीं शताब्दी की परंपरा को “जगन्नाथ महोत्सव” का स्वरूप देना उचित..
कोयला और ऊर्जा की नगरी कोरबा विविध ऐतिहासिक और पौराणिक,सांस्कृतिक महत्त्व के मामले में भी संपन्न है। यहां चौदहवीं शताब्दी
Read more“सिद्धार्थ-यशोधरा : दाम्पत्य की प्रीति से निर्वाण की मुक्ति तक पहुँचे युगल की बुद्धत्व भरी प्रेमगाथा”
प्राचीन काल में शाक्य कुल में कपिलवस्तु के राजा थे- शुद्धोदन। उनके दो विवाह हुए थे- प्रथम, महामाया से और
Read moreसर्वेश तिवारी श्रीमुख : हमारी संवेदना का धंधा करने वाले फिल्मकार..
यदि गाँव-देहात के आम जनमानस की बात करें तो सनातन देवियों में माता सीता सर्वाधिक लोकप्रिय हैं। उसका विशेष कारण
Read moreआलोक बृजनाथ : वेद क्यों नहीं छापता गीता प्रेस ?
आज दोपहर एक ग्रुप में टहलता हुआ चला गया। दृष्टि एक चर्चा पर गई। वहां ठीक यही प्रश्न, जो मेरी
Read moreकौशल सिखौला : सतीत्व के बल पर मृत्यु के देवता को परास्त करने वाली महान सन्नारी
सतीत्व के बल पर मृत्यु के देवता को परास्त करने वाली महान सन्नारीकी कथा मृत्यु के देवता यमराज से पति
Read more..अवतार मांस मछली खाते थे ? केरल स्टोरी नहीं चाहिए तो….
स्वामी विवेकानंद अपने व्याख्यानों में अक्सर प्रभु राम, सीता जी और कृष्ण जी का उल्लेख करते थे। विदेश में उनसे
Read moreकेदारनाथ मंदिर एक अनसुलझी पहेली है !!
केदारनाथ की भूमि 21वीं सदी में भी बहुत प्रतिकूल है। एक तरफ 22,000 फीट ऊंची केदारनाथ पहाड़ी, दूसरी तरफ 21,600
Read moreसर्वेश तिवारी श्रीमुख : भगवान शिव क्यों रोये थे ?
हमने ऐसे किसी भी शक्तिपुंज को अपना देवता नहीं माना जो हमें भयभीत करता हो। किसी का देवत्व उसकी क्रूरता
Read moreदेवांशु झा : बटेश्वर में कैसे हो रहा जीर्णोद्धार…
तीस हजार मंदिरों के ध्वंस के प्रमाण हैं। पुरातत्व विभाग स्वयं प्रमाण देता है। विद्वान इतिहासकारों की पुस्तकें प्रमाण देतीं
Read moreसंस्कृत का उच्चारण अर्थात चलते फिरते योग साधना..
साँसो से बनी एवं स्वयं से कृत भाषा संस्कृत वाचन से योग का जीवनकाल में महत्व * संस्कृत बोलना अर्थात्
Read moreप्रसिद्ध पातकी : …फिर तो आचार्य ने अपने शिष्य के चरण छुए
गुरु गोष्ठीपूर्ण ने जब अपने शिष्य को मंत्र दिया तो ताकीद की कि यह परम रहस्यमय मंत्र है. साक्षात् बैकुंठ
Read moreअध्यात्म से विज्ञान की खोज : इसलिए राम ‘राम’ हुए…
शिव तो आदिदेव हैं, उनकी पूजा समझ आती है। कृष्ण ने अनगिनत चमत्कार दिखाए, गीताज्ञान दिया, उनकी आराधना ठीक लगती
Read moreनवसंवत्सर..भारतीय काल गणना वैज्ञानिक व्यवस्था
आधुनिक विज्ञान ब्रम्हांड की आयु 1 अरब 98 करोड़ वर्ष निकालते हैं जबकि उनकी गणना पदार्थों के गुण से संयुक्त
Read moreदेवांशु झा : एक ही प्रबोधिनी शक्ति जागृत रही…
हनुमान चालीसा वारित – सौमित्र – भल्लपति – अगणित – मल्ल – रोध, गर्ज्जित – प्रलयाब्धि – क्षुब्ध हनुमत् –
Read moreहरीश चंद्र शर्मा : मुहूर्त देखकर शुभ कार्य करें या बिना मुहूर्त के..?
क्या मुहूर्त देखकर कोई शुभ कार्य करना चाहिए या बिना मुहूर्त के ही करना चाहिए इसका सटीक और सही जवाब
Read moreएस्ट्रो राजेंद्र शर्मा : श्रीहरि विष्णु के नृसिंह अवतार का स्वागत दारु-मांस से.. जीवहत्या से संतान के जीवन में आती है ये बाधाएं.. ग्रह देंगे ऐसे प्रतिफल..
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिप्राप्त भारत के सबसे बड़े बनारस हिंदू विश्व विद्यालय से हस्तरेखा शास्त्र में PHD कर चुके पंडित
Read moreडाॅ. चन्द्र प्रकाश सिंह : “अमृतत्व ही भारत का इतिहास बोध है”
अंग्रेजों ने कहा कि भारत के पास कोई इतिहास बोध नहीं था। भारत के इतिहास को हमने कालक्रमित कर बोध
Read moreनवरात्र : रविवार 22 से 30 jan.. महादेव सदा संग पर शुभचिंतक कालभैरव बिन देवी पर न लगे कोई रंग.. मां काली जब शांत होती हैं तो कमला स्वरूप में प्रकट होती हैं..
महादेव तो सदैव देवी के साथ रहते हैं लेकिन भैरव बिन देवी की कोई साधना सिद्ध नही होती। शक्ति के
Read moreदेवांशु झा : कैसे गुम हुए प्राचीन विशाल मंदिर VDO.. ध्वंस के पारावार से पूर्ण स्तम्भ अथवा देवगृह के खंडों को चुनना–जोड़ना असाधारण कार्य..
बटेश्वर को मण्डपिका मंदिरों का स्थल कहा गया। मण्डपिका यानी चतुष्स्तंभीय मण्डप के ऊपर शिखर और आमलक कलश युक्त मंदिर।
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