मनीष शर्मा : पूर्वाग्रह + आधा सच + इमोशनल तड़का = अफवाह की पूरी रेसिपी
‘पूर्वाग्रह’ और ‘आधे अधूरे सत्य’ को जोड़ दें… तो अच्छी खासी अफवाह तैयार हो जाती है…. उसमे थोड़ा इमोशनल तड़का लगा दिया जाए… तो फिर एकदम चकाचक रोना धोना तैयार हो जाता है.
2014 के बाद अचानक हिन्दू मुस्लिम हिंसा घटना होने लगी थी…अख़लाक़ की हत्या हुई….बताया गया कि गौमांस के कारण हुई… उसके बाद तो हर छोटी बड़ी घटना…. ट्रैन में सीट के लिए हुए झगडे तक गौमांस पर हुई लड़ाई बताये जाने लगे.
नोटबंदी के समय हर मौत, जिसका उससे कोई संबंध नहीं था, उसे भी एटीएम की लाइन में लगने से जोड़ दिया गया। बंदा सब्जी लेने गया…. कोई स्वास्थ्य समस्या थी… बेहोश हो गया… या heart अटैक आ गया… नाम लगा दिया नोटबंदी का.
किसान आंदोलन के समय हर ऐसी मौत, जिसका आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं था, उसे भी किसान आंदोलन से जोड़ दिया गया। 700 से ज्यादा किसान मारे गए.. ऐसा झूठा प्रचार आज तक चलता है. जबकि कई मौतें तो घरों गाँवों में हुई थी… लेकिन सब कुछ किसान आंदोलन पर थोप दिया.
Covid आया…. उसके बाद हुई Cardiac Arrest की हर घटना को Vaccine से जोड़ा गया. Cardiac Arrest कई दशकों से होते आये हैं… कोई नया concept नहीं है.
कोई कहता था कि Covid Vaccine से दिल कमजोर हो गया.. कोई कहता था नस कमजोर हो गई… किसी के अनुसार फेफड़े खराब हो गए… पैर में दर्द है… Covid vaccine की वजह से… सर में दर्द है… Vaccine की वजह से…. आँखे कमजोर हो गई… Vaccine की वजह से.
लेकिन Lifestyle के बदलाव को कोई नहीं बता रहा.
Covid की vaccine लगभग सभी ने लगवाई…. अगर 0.1% भी Fatality रेट होती…. तो हाहाकार मच जाता…. तबाही हो जाती.
लेकिन क्या हुई?
SIR चल रही थी पिछले दिनों….. इसके दौरान भी हर ऐसी मौत, जिसका SIR प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं था, उसे भी SIR से जोड़ दिया गया। SIR करने वालों की हारी बीमारी.. आत्महत्या… सब कुछ SIR पर थोप दी.
इसी तरह आज इंजन में आने वाली हर खराबी को E20 पेट्रोल से जोड़कर देखा जा रहा है। एवरेज कम है… Engine की परफॉरमेंस अच्छी नहीं है… गाडी में आवाज़ है… Engine में कचरा है…. Plugs ख़राब हो गए… सबका कारण Ethanol
क्या कम एवरेज पहले नहीं होता था गाडी का?? क्या Engine में कचरा पहले नहीं होता था?
गाडी की performance पहले कम नहीं होती थी?
या यह सब समस्या E20 Fuel आने के बाद ही हुई है?
Blending के इतने नुकसान होते…. तो blending तो 20 साल से ज्यादा से हो रही है…. अब तक करोड़ों गाड़िया ठिकाने लग चुकी होती.
क्या ऐसा हुआ है?
अधिकांश लोगों को तो पता भी नहीं.. कि 2004 से वह Blended पेट्रोल इस्तेमाल कर रहे हैं.
E-20 Blending को शुरू हुए साढ़े तीन साल हो चुके हैं… हल्ला पिछले 2-4 महीने से ज्यादा हो रहा है.
अगर E-20 blending के इतने नुकसान हैं… तो पिछले साढ़े तीन सालों में कुछ हजार, कुछ लाख गाड़ियाँ खराब हुई होती? क्या हुई हैं?
OLA वालों की कुछ हजार EV स्कूटर ख़राब हुए थे…. देश भर में Ola के centers पर बवाल हो गया था.
क्या ऐसा E-20 के मामले में हो रहा है??
इसके दो अर्थ हो सकते हैं.
1. या तो पिछले दो चार महीने से Blending की प्रक्रिया में कुछ गड़बड़ हुई है… कहीं कोई process फ़ैल हुआ है..कहीं कोई Quality issue हुआ है….. जिसे सही करना चाहिए.
2. यह पूर्वाग्रह, कुछ आधे अधूरे सत्य और इमोशनल अत्याचार को मिक्स करके एक बढ़िया कॉकटेल बनाया गया है
और इसका असर भी होता है… Narrative बन जाता है.
Service कराने जाते हैं…. अधिकांश लोग यही बोलते हैं.. कि भईया एवरेज कम है.. ठीक करा देना… Engine की performance थोड़ी Tune कर देना…… ड्राइविंग Smooth नहीं है… थोड़ा देख लेना.
आप किसी से भी पूछ लीजिये…. अधिकांश लोग यही बोलेंगे…. हाँ यार.. एवरेज कम हुआ है… अब तो एक आंकड़ा भी है… 30% का
जो कहाँ से आया.. किसने दिया.. किसी को पता नहीं… बस भेड़ चाल में लगे हुए हैं… उसने 30 बोला तो मेरा भी 30% कम हुआ है.
ऊपर से कुछ समझदार लोगों ने अलग हवा फैला रखी है…. कि ethanol का मतलब गन्ने का रस…. जिससे engine में चींटी लग जाती हैं….. Ethanol रखा रखा पानी बन जाता है.
यह वो इमोशनल तड़का होता है… जो किसी को भी Influence कर देता है.
हाँ.. यहाँ एक चीज जरूरी है…. कुछ मामलों में दूषित पेट्रोल की बात आई है… उसे तुरंत ठीक करना पड़ेगा सरकार को. Blending 10 हो या 20….उसमे पेट्रोल और Ethanol.. दोनों शुद्ध blend होने चाहिए…. कहीं कुछ दूषित कण होंगे.. तो समस्या उत्पन्न हो सकती है.
बाकि सच यही है… कि भविष्य Alternative Fuel का ही है…. आज नहीं तो कल.. और कल नहीं तो परसो…. हर किसी को यह Switch करना ही पड़ेगा.
बाकि मेरा सुझाव है….सरकार को E20 वाले पेट्रोल की कीमत 10-15% कम करनी चाहिए…..यह रोना धोना काफी हद तक कम हो जाएगा.
-सोशल मीडिया से साभार।


