मनीष शर्मा : AI नहीं कर पाया अनुभवी इंजीनियरों की बराबरी, Ford ने फिर बुलाए एक्सपर्ट्स

फोर्ड ने कुछ समय पहले हजारों Engineers को निकाल दिया था….. अब उन्हें यह महसूस हुआ कि AI इस समय अनुभवी इंजीनियरों की पूरी तरह जगह नहीं ले सकता…. अब फोर्ड ने सैकड़ों अनुभवी इंजीनियरों को दोबारा काम पर रखा है.

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Ford कुछ समय से Quality Check के लिए AI और ऑटोमेटेड सिस्टम का इस्तेमाल कर रही थी।

लेकिन एक समस्या थी…..

मशीनें स्कैन कर सकती थीं।

वे माप ले सकती थीं।

वे Defect की पहचान भी कर सकती थीं।

लेकिन वे हमेशा उन बातों को नहीं समझ पाती थीं, जिन्हें अनुभवी इंजीनियर एक नज़र में पहचान लेते थे।

जैसे इंजन से आने वाली कोई अजीब आवाज़।

डिज़ाइन की कोई बहुत छोटी कमी।

या कोई ऐसा पार्ट, जो टेस्ट में पास हो गया हो, लेकिन अनुभवी इंजीनियर को सही न लगे।

ऐसी समस्याएँ अक्सर वही लोग पहचान पाते हैं, जिन्होंने वर्षों तक इस काम का व्यावहारिक अनुभव हासिल किया हो।

इसी वजह से फोर्ड ने सैकड़ों अनुभवी इंजीनियरों और तकनीशियनों को फिर से नियुक्त किया।

सिर्फ जांच करने के लिए नहीं,

बल्कि नए कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के लिए,

समस्याओं को पहले ही पहचानने के लिए,

AI सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए,

और वह अनुभव व निर्णय क्षमता वापस लाने के लिए, जिसकी बराबरी AI अभी भी पूरी तरह नहीं कर पाया है।

यह हमें याद दिलाता है कि अनुभव सिर्फ जानकारी नहीं होता।

यह सहज समझ (Instinct), पैटर्न पहचानने की क्षमता, याददाश्त, और सालों के व्यावहारिक अनुभव का परिणाम होता है।

AI बहुत शक्तिशाली है, लेकिन कई बार 30 साल तक इंजनों के साथ काम करने वाला इंसान आज भी ऐसी बातें समझ जाता है, जिन्हें मशीन अभी नहीं समझ पाती।

साभार।

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