175% प्रीमियम की बोली से बालको ने जीता कालिपाट बॉक्साइट ब्लॉक, कोरबा के एल्युमिनियम कारोबार को मिलेगा बड़ा सहारा

24.8 करोड़ टन से अधिक बॉक्साइट भंडार का दावा, कच्चे माल की आपूर्ति मजबूत होने के साथ घट सकती है लॉजिस्टिक लागत

कोरबा, 09 अगस्त। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने ओडिशा सरकार की ई-नीलामी में कालिपाट/कालिपाठ बॉक्साइट ब्लॉक को 175 प्रतिशत प्रीमियम की बोली लगाकर अपने नाम कर लिया है। इस उपलब्धि को कोरबा स्थित बालको के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए बॉक्साइट स्रोत से कंपनी को भविष्य में कच्चे माल की उपलब्धता मजबूत करने और उत्पादन लागत को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

24.8 करोड़ टन से अधिक बॉक्साइट का भंडार

रिपोर्ट के अनुसार कालिपाट क्षेत्र में करीब 24.8 करोड़ टन बॉक्साइट भंडार होने का दावा किया गया है। वर्तमान में बालको के कोरबा स्थित स्मेल्टर प्लांट के लिए बॉक्साइट की आपूर्ति विभिन्न राज्यों और स्रोतों से होती है। ऐसे में नया खनिज स्रोत कंपनी के लिए दीर्घकालीन कच्चे माल की सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार बन सकता है।

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कोरबा बालको को मिल सकते हैं तीन बड़े फायदे

पहला, परिवहन और लॉजिस्टिक लागत में कमी। बॉक्साइट की नियमित और रणनीतिक आपूर्ति से कच्चे माल की ढुलाई पर होने वाला खर्च नियंत्रित किया जा सकता है।

दूसरा, कच्चे माल की दीर्घकालीन सुरक्षा। एल्युमिनियम उत्पादन के लिए बॉक्साइट सबसे महत्वपूर्ण कच्चे माल में शामिल है। नया ब्लॉक बालको की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती दे सकता है।

तीसरा, भविष्य के विस्तार का आधार। कोरबा में बालको की करीब 10.5 लाख टन वार्षिक एल्युमिनियम उत्पादन क्षमता बताई जाती है। ऐसे में पर्याप्त बॉक्साइट उपलब्धता कंपनी की भविष्य की उत्पादन एवं विस्तार योजनाओं के लिए अहम साबित हो सकती है।

पर्यावरणीय मंजूरियां होंगी अगली बड़ी चुनौती

कालिपाट बॉक्साइट ब्लॉक ओडिशा के कालाहांडी जिले में स्थित बताया गया है और यह क्षेत्र कालिपाट अभयारण्य के नजदीक है। करीब 1,822.61 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले इस ब्लॉक में लगभग 531.94 हेक्टेयर वन भूमि होने की जानकारी सामने आई है।

ऐसे में खनन गतिविधियां शुरू करने से पहले कंपनी को वन, पर्यावरण और अन्य वैधानिक स्वीकृतियां हासिल करनी होंगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वास्तविक खनन शुरू होने में दो से तीन वर्ष तक का समय लग सकता है।

175% प्रीमियम की बोली बनी सबसे बड़ी चर्चा

कालिपाट बॉक्साइट ब्लॉक के लिए 175 प्रतिशत प्रीमियम की बोली लगाकर बालको द्वारा इसे हासिल करना इस पूरी प्रक्रिया का सबसे अहम पहलू है। यह उपलब्धि केवल एक खनिज ब्लॉक हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे कोरबा के बालको प्लांट के लिए दीर्घकालीन कच्चे माल की सुरक्षा की रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि आवश्यक पर्यावरणीय और वैधानिक मंजूरियां कब मिलती हैं और कालिपाट ब्लॉक से वास्तविक खनन कब शुरू होता है। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि इस नए बॉक्साइट स्रोत का बालको की उत्पादन लागत, कच्चे माल की सुरक्षा और कोरबा के एल्युमिनियम उत्पादन पर कितना बड़ा प्रभाव पड़ता है।

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