सर्वेश तिवारी ‘श्रीमुख’ : अभिषेक शर्मा भारतीय क्रिकेट के भविष्य हैं
बात ऐसी भी नहीं कि देख कर उछल पड़ें और प्रशंसा के पुल बांध दें, पर नए लड़कों में अपनी धार्मिक परम्पराओं, प्रतीकों के प्रति आदर का भाव और इस भाव का बेझिझक प्रदर्शन अच्छा तो लगता ही है। सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड बनाने के बाद अभिषेक शर्मा का यह प्रदर्शन सुंदर था।
सेक्युलर देश बनाने के नशे में हमने अपनी धार्मिक भावनाओं के प्रदर्शन को तो लम्बे समय तक त्याग ही दिया था। स्वयं को ज्ञानी दिखाने के लिए “धर्म तो आंतरिक विषय है, धार्मिक विश्वासों के प्रदर्शन का क्या मतलब,” जैसी बकवास बातें भी करते रहे हैं हम। हमने जैसे तय कर दिया था कि कोई भी हिंदू अभिनेता, नेता, अधिकारी, खिलाड़ी अपने धार्मिक विश्वास को सात पर्दे में छुपा कर रखेगा। हालांकि इसी देश में विदेशी संस्थाएं अपने संप्रदाय के प्रसार के लिए प्रति वर्ष करोड़ों, अरबों रुपए खर्च करती रही हैं, पर बहुसंख्यक होने के फर्जी दायित्वबोध से दबे हमलोग स्वयं को छिपा कर रखने के आदी हो गए थे। अब हर मंच पर इस बंधन को टूटते देखना आनंद तो देता ही है…

अभिषेक शर्मा भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं। वे भविष्य में रोहित शर्मा का स्थान ले लेंगे या नहीं, यह तो नहीं कहा जा सकता, पर उन्हें उस दिशा में बढ़ते देखना सुखद है। आखिर कल उन्होंने तीस गेंद में शतक ठोक कर रोहित के ही रिकॉर्ड को तोड़ा है।
तो अभिषेक को शुभकामनाएं। अब लगता है कि रोहित विराट और सूर्यकमार के रिटायर होने के बाद अभिषेक लिए भी कभी कभी क्रिकेट देख सुन लिया जाएगा।


