कौशल सिखौला : 2027 का यूपी होगा 2029 की दिल्ली का फैसला, सत्ता के लिए पानीपत बनेगा चुनावी रण
दो सीट से तीन बार केंद्र सरकार तक आने में बीजेपी को कईं दशक बिताने पड़े । कांग्रेस के वर्चस्व वाले देश में पूर्ण सत्ता प्राप्त करना आसान काम नहीं था । कांग्रेस पार्टी की जड़ें बड़ी गहरी होने के बावजूद बीजेपी ने कांग्रेस के कमजोर नेतृत्व का लाभ उठाया । 2014 में कांग्रेस जैसी स्थापित पार्टी से सत्ता हासिल करने के लिए बीजेपी ने नया आदमी ढूंढा । बीजेपी एक बार पूर्णतः स्थापित हुई तो अब कांग्रेस के लिए उसे हटाना संभव नहीं रहा । निश्चित रूप से इसका कारण कांग्रेस का कमजोर और ईर्ष्यालु नेतृत्व है । सत्ता वापसी के लिए कांग्रेस की व्यक्तिवादी नफरत बीजेपी के लिए वरदान बन गई है ।
जनसंघ से बीजेपी बनने के बाद बीजेपी को 1990 के दशक में राम मंदिर की लहर पर तैरते हुए पहली बार बूस्टर डोज़ मिली । यूपी में सत्ता मिली लेकिन केंद्र में अटल जी की की सरकार तीन बार बनने के बावजूद अपने दम पर पूर्ण सत्ता नहीं मिल पाई । बीजेपी के पूरे दिन फिरे तो 2014 में । मोदी को नेता बनाने की पहल राजनाथ सिंह , सुषमा स्वराज और अरुण जेटली ने की । मोदी के मैदान में उतरते ही बीजेपी की सुनामी आ गई । पहली बार नरेंद्र मोदी ने पूर्ण बहुमत से पहली बार केंद्र में सरकार बनाई ।
इसके बाद बीजेपी की जबरदस्त लहर यूपी में चली । कल्याण सिंह के बाद योगी आदित्यनाथ ने न केवल सरकार बनाई अपितु 313 सीटें लेकर इतिहास बना दिया । योगी का आना पूरे देश को भा गया । इतना भाया कि उन्हें आज तक मोदी के जाने के बाद पीएम वेटिंग कहा जाने लगा है । देशवासी उन्हें अमित शाह से ज्यादा पसंद करते हैं ।
2019 में मोदी ने दूसरी बार 2014 से 20 सीट ज्यादा लेकर तूफान मचा दिया । यह ऐसा वर्ष था जब विपक्ष ने अपनी कैबिनेट तक बना ली थी । बीजेपी की जबरदस्त लहर ने पूरे विपक्ष को रौंद डाला । यह ठीक है कि 2024 में बीजेपी को भारी धक्का लगा । राम मंदिर में प्रतिमा स्थापन के बावजूद बीजेपी को एनडीए की मदद से सरकार बनानी पड़ी । लेकिन बीजेपी की जबरदस्त लहर उस बंगाल में चली जहां वामपंथियों और ममता ने 50 सालों से एक छत्र राज किया था । बीजेपी ने तमाम ताकतों को मिट्टी में मिला दिया ।
शुभेंदु अधिकारी देश में एक दूसरे योगी के रूप में उभरकर आए । शुभेंदु ऐसे दमदार नेता है जो योगी और हिमंता की तरह अपने राज्य में अभी दशकों तक सरकार चलाएंगे । जाहिर है 2029 में भी बीजेपी को हटाना कांग्रेस के लिए आसान नहीं होगा । बीजेपी ने हेमंता , योगी , शुभेंदु , मोहन यादव और देवेंद्र फडणवीस के रूप में ऐसे नगीने ढूंढ लिए हैं जिन्होंने खुद को स्थापित कर दिखाया है । सत्ता का रास्ता यूपी से होकर गुजरता है । जाहिर है आने वाला यूपी विधानसभा चुनाव बीजेपी और विपक्ष के लिए पानीपत के युद्ध के समान है । 2029 में दिल्ली में वही बैठेगा जो 2027 में यूपी जीतकर ले जाएगा ।


