मोबाइल यूजर्स सावधान, 3 साल जेल और ₹50 लाख जुर्माना

दूरसंचार विभाग की सख्त चेतावनी, फर्जी SIM और टेलीकॉम पहचानकर्ताओं के दुरुपयोग पर भी होगी कड़ी कार्रवाई; संचार साथी से मोबाइल और कनेक्शन की करें जांच

नई दिल्ली, 31 अगस्त 2026। देश में तेजी से बढ़ रही मोबाइल कनेक्टिविटी और डिजिटल सेवाओं के बीच मोबाइल उपकरणों के IMEI नंबर और अन्य दूरसंचार पहचानकर्ताओं के दुरुपयोग को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने लोगों को चेतावनी दी है कि IMEI नंबर से छेड़छाड़ करना, छेड़छाड़ किए गए पहचानकर्ताओं वाले उपकरणों का इस्तेमाल करना अथवा फर्जी तरीके से SIM हासिल करना गंभीर अपराध है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। नियमों का उल्लंघन करने पर तीन वर्ष तक की कैद, 50 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। ऐसे अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती भी हो सकते हैं।

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IMEI से छेड़छाड़ पर कानून सख्त

दूरसंचार विभाग के अनुसार, दूरसंचार अधिनियम 2023 में मोबाइल हैंडसेट सहित अन्य दूरसंचार उपकरणों के विशिष्ट पहचानकर्ताओं से छेड़छाड़ रोकने के लिए प्रावधान किए गए हैं।

अधिनियम की धारा 42(3)(ग) दूरसंचार पहचानकर्ताओं के साथ छेड़छाड़ को प्रतिबंधित करती है, जबकि धारा 42(3)(ङ) धोखाधड़ी, जालसाजी या प्रतिरूपण के माध्यम से SIM अथवा दूरसंचार पहचानकर्ता हासिल करने पर रोक लगाती है।

इतना ही नहीं, ऐसे अपराध में मदद करने या उकसाने वाले लोग भी समान दंड के भागीदार हो सकते हैं।

इन कामों से रहें सावधान

दूरसंचार विभाग ने नागरिकों को विशेष रूप से कुछ गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी है। इनमें शामिल हैं:

  • ऐसे मॉडेम, मॉड्यूल, SIM बॉक्स या अन्य उपकरणों का उपयोग, खरीद या असेंबल करना जिनके IMEI नंबर में बदलाव या छेड़छाड़ की जा सकती हो।
  • फर्जी दस्तावेजों या धोखाधड़ी के जरिए SIM कार्ड हासिल करना।
  • अपने नाम पर जारी SIM कार्ड को किसी अन्य व्यक्ति को बेचना, किराए पर देना या इस्तेमाल के लिए सौंपना।
  • मोबाइल एप, वेबसाइट या किसी अन्य माध्यम से Calling Line Identity (CLI) अथवा अन्य दूरसंचार पहचानकर्ता बदलने का प्रयास करना।

अपने नाम का SIM किसी को देना भी पड़ सकता है भारी

विभाग ने लोगों को खास तौर पर आगाह किया है कि अपने नाम पर SIM कार्ड लेकर उसे किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए देना जोखिम भरा हो सकता है। यदि उस SIM का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि में होता है, तो मूल ग्राहक भी कानूनी परेशानी में फंस सकता है।

इसलिए विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की नियमित रूप से जांच करें और किसी अनजान व्यक्ति को अपना SIM इस्तेमाल करने के लिए न दें।

संचार साथी से करें मोबाइल की जांच

सरकार ने नागरिकों को अपने मोबाइल हैंडसेट और कनेक्शन की सुरक्षा एवं सत्यापन के लिए संचार साथी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

संचार साथी के माध्यम से मोबाइल फोन के IMEI नंबर की पुष्टि की जा सकती है। इसके जरिए उपभोक्ता अपने डिवाइस से संबंधित ब्रांड, मॉडल और निर्माता जैसी जानकारी भी जांच सकते हैं।

दूरसंचार विभाग का कहना है कि टेलीकॉम संसाधनों के दुरुपयोग को रोकना, नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी से सुरक्षित रखना और देश के दूरसंचार नेटवर्क की सुरक्षा मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।

मोबाइल कनेक्शन की सुरक्षा के लिए रहें सतर्क

विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने मोबाइल कनेक्शन और हैंडसेट की जानकारी समय-समय पर सत्यापित करें। किसी संदिग्ध SIM, IMEI या मोबाइल उपकरण की जानकारी सामने आने पर उपलब्ध सरकारी माध्यमों से उसकी शिकायत करें।

नागरिक संचार साथी पोर्टल पर जाकर विभिन्न सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए www.sancharsaathi.gov.in का उपयोग किया जा सकता है। संचार साथी का मोबाइल ऐप भी Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।

दूरसंचार विभाग ने कहा है कि दूरसंचार अधिनियम 2023 का पालन नागरिकों की सुरक्षा, टेलीकॉम धोखाधड़ी पर रोक और सुरक्षित एवं विश्वसनीय डिजिटल वातावरण सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी है।

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