केंद्रीय विद्युत मंत्रालय से निर्देश.. वीडियो रिकॉर्डिंग ने खोला राज, स्मार्ट मीटर की रीडिंग में नहीं मिली विसंगति
– केंद्रीय विद्युत मंत्रालय से निर्देश जारी, स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य
– उपभोक्ताओं को मिलेगी सटीक और पारदर्शी बिलिंग की सुविधा
– स्मार्ट मीटर को लेकर सीएसपीडीसीएल ने स्थिति स्पष्ट की
रायपुर, 10 सितंबर 2026। स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के बीच बनी असमंजस की स्थिति को दूर करने के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने स्थिति स्पष्ट की है। भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय ने 12 अगस्त 2026 को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
विद्युत मंत्रालय के पत्र के अनुसार, जहां संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां सभी उपभोक्ताओं को भारतीय मानकों के अनुरूप स्मार्ट मीटर के माध्यम से बिजली आपूर्ति की जानी है। स्मार्ट मीटर लगाना आवश्यक है ।
स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को सटीक और पारदर्शी बिजली बिल मिलेगा। साथ ही, वे अपनी बिजली खपत पर नजर रख सकेंगे। भविष्य में इससे समय आधारित बिजली दर (ToD)का लाभ भी लिया जा सकता है। उपभोक्ता अधिक दर वाले समय के बजाय कम दर वाले समय में बिजली का उपयोग बढ़ाकर अपने बिजली बिल में कमी ला सकते हैं।
स्मार्ट मीटर से बिजली वितरण कंपनी को बिजली की खपत का सही लेखा-जोखा रखने और कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी ।
विद्युत मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य जारी रखने और उसमें तेजी लाने को कहा है।
इसी निर्देश के तहत देश के दक्षिण भाग में स्थित राज्यों केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु एवं उत्तर में हिमाचल प्रदेश तथा मध्य प्रांतों में छत्तीसगढ़ सहित झारखंड एवं अन्य राज्यों में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
सीएसपीडीसीएल ने उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर को लेकर किसी भी तरह की अफवाह या भ्रम पर ध्यान नहीं देने तथा सही जानकारी के लिए अधिकृत माध्यमों पर ही भरोसा करने की अपील की है।
बैकुंठपुर प्रकरण की जांच में स्मार्ट मीटर की रीडिंग शत-प्रतिशत सही
बैकुंठपुर में स्मार्ट मीटर और चेक मीटर की रीडिंग में अंतर की जानकारी मिलने पर सीएसपीडीसीएल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधीक्षण अभियंता से जांच कराई। जांच में पाया गया कि 7 अगस्त 2026 को चेक मीटर की वास्तविक रीडिंग 2777 यूनिट थी, जबकि पूर्व में 2589 यूनिट दर्ज की गई थी। मेनुअली रीडिंग के कारण क्लेरिकल/डाटा दर्ज करने की त्रुटि हुई।
27 जुलाई को चेक मीटर लगाए जाने के समय स्मार्ट मीटर की रीडिंग 5374 यूनिट तथा चेक मीटर की रीडिंग 2474 यूनिट थी। 7 अगस्त को ये रीडिंग क्रमशः 5676 और 2777 यूनिट दर्ज हुईं। इस अवधि में स्मार्ट मीटर की खपत 302 यूनिट और चेक मीटर की 303 यूनिट रही। दोनों में केवल 1 यूनिट का अंतर पाया गया। रीडिंग की वीडियो रिकॉर्डिंग से भी स्थिति स्पष्ट हुई। चेक मीटर की रीडिंग मैनुअल रूप से ली और दर्ज की जाती है, इसलिए मानवीय त्रुटि की आशंका रहती है। स्मार्ट मीटर में रीडिंग स्वचालित रूप से दर्ज होने से ऐसी मैनुअल प्रविष्टि संबंधी त्रुटि की संभावना नहीं रहती और उपभोक्ता को अपनी बिजली खपत की जानकारी अधिक पारदर्शी एवं सटीक रूप से मिलती है। जांच में स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली में किसी प्रकार की विसंगति नहीं पाई गई।


