कोरबा महापौर के डेड़ साल.. क्या रही उपलब्धियां..!
₹165 करोड़ की सीवरेज योजना, 40 ई-बसों की सौगात; 16 माह में कोरबा में 76 विकास कार्य पूरे
कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा ने पिछले 16 माह में विकास कार्यों को नई गति देने का दावा किया है। महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने बुधवार को पंचवटी में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि शहर में सड़क, पेयजल, स्वच्छता, परिवहन, खेल और अधोसंरचना से जुड़े अनेक बड़े प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री एवं कोरबा विधायक श्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन तथा निगम आयुक्त श्री आशुतोष पांडे के नेतृत्व में विकास कार्यों को गति मिली है।
महापौर ने बताया कि 16 माह में 76 विकास कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं, जबकि 149 कार्य प्रगति पर हैं। इसके अलावा 209 नए विकास कार्य जल्द शुरू किए जाएंगे। कोसाबाड़ी से घंटाघर, सीएसईबी चौक होते हुए सुनालिया पावर हाउस रोड तक करीब ₹22 करोड़ की लागत से सड़क डामरीकरण का टेंडर जारी हो चुका है और बारिश के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
उन्होंने बताया कि हसदेव नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए शहर के 11 प्रमुख नालों के गंदे पानी के उपचार हेतु ₹165 करोड़ की लागत से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाया जा रहा है। परियोजना को अगस्त 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। एसटीपी से उपचारित जल एनटीपीसी को उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे नगर निगम को स्थायी आय भी प्राप्त होगी। वहीं, डीएमएफटी मद से ₹32 करोड़ की लागत से 20 एमएलडी क्षमता का नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाया जा रहा है, जिससे लगभग 58 हजार लोगों को बेहतर पेयजल सुविधा मिलेगी।
महापौर ने बताया कि केंद्र सरकार की पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत कोरबा को 40 इलेक्ट्रिक बसों की मंजूरी मिली है। शहर में घंटाघर और सुनालिया क्षेत्र में फास्ट ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल वेटिंग शेड भी बनाए जा रहे हैं।
स्वच्छता के क्षेत्र में कोरबा ने देशभर में 8वां स्थान प्राप्त किया है। पुराने कचरा डंपिंग स्थलों को हटाकर वहां छोटे-छोटे उद्यान विकसित किए गए हैं। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए 80 इलेक्ट्रिक रिक्शे और दो मोबाइल टॉयलेट जोड़े गए हैं। इसके अलावा 55 हजार घरों में डस्टबिन वितरण की तैयारी है। गीले कचरे से बायोगैस उत्पादन के लिए छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल और गेल इंडिया के बीच एमओयू भी हो चुका है।
खेल सुविधाओं के विस्तार के तहत शहर में पहली बार राइफल शूटिंग एकेडमी शुरू की गई है। इंदिरा स्टेडियम और पीजी कॉलेज में करीब ₹32 करोड़ की लागत से खेल अधोसंरचना विकसित करने की योजना है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत निर्धारित 3022 आवासों के मुकाबले 4027 आवासों की स्वीकृति प्राप्त कर कोरबा ने प्रदेश में सबसे अधिक उपलब्धि हासिल की है।
महापौर ने बताया कि छोटे व्यापारियों को आनंद बाजार में व्यवस्थित किया गया है तथा कोसाबाड़ी वेंडिंग जोन तैयार हो चुका है। पेयजल, स्वच्छता और स्ट्रीट लाइट संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए विशेष व्यवस्था लागू है, जिसके तहत अधिकांश शिकायतों का 24 घंटे के भीतर निराकरण किया जा रहा है।


