अतिथि संपादक
के. विक्रम राव : संस्कृत यदि राष्ट्रभाषा होती तो !
जब सांसद डा. भीमराव अंबेडकर तथा प्रोफेसर नाजिरूद्दीन अहमद ने संस्कृत को राष्ट्रभाषा बनाने का सुझाव संविधान सभा में (14
Read moreचंद्रमोहन अग्रवाल : मोदी जी अडानी और अंबानी के नौकर हैं..जी हां हैं ! ..चावल के एक्सपोर्ट पर 20 परसेंट एडिशनल ड्यूटी
मोदी जी अडानी और अंबानी के नौकर हैं..जी हां है! तो फिर! मोदी जी चीन की कंपनियों के नौकर नहीं
Read moreसुरेंद्र किशोर : डॉ. स्वामी की राह पर.. ‘विधवा विलाप’ छोड़ विपक्षी भ्रष्टाचार के विषय पर क्यों नहीं जाते कोर्ट..?
भाजपा नेताओं पर मुकदमे चलाने का अवसर सन 2004 से सन 2014 के बीच मनमोहन सरकार को मिला था। उन्होंने
Read moreवफ़ा फ़राज़ : ब्रम्हास्त्र… सांस्कृतिक ? आतंकवाद.. हिंदू विवाह संस्कार का मजाक
रणवीर कपूर आलिया भट्ट के विवाह में आपने एक बात पर गौर किया? आधेअधूरे चित्रों के द्वारा दर्शाने की कोशिश
Read moreवीरेन्द्र पाल : जब गुरु पूर्णिमा है तो शिक्षक दिवस क्यों जब धन्वंतरी जयंती है तो डॉक्टर डे क्यों..??
दरअसल कांग्रेस ने आजादी के बाद उन सारे प्रतीकों को बीसवीं शताब्दी के आस पास रखने की कोशिश की जो
Read moreNRI अमित सिंघल : अगर देश का प्रधानमंत्री पढ़ा-लिखा होना चाहिए, तो उसका चुनाव कैसे होगा?
अरविंद केजरीवाल ने कुछ दिन पहले ट्वीट किया था कि देश का प्रधानमंत्री पढ़ा-लिखा ही होना चाहिए. तब से मेरे
Read moreNRI अमित सिंघल : अभिजात वर्ग को कैसा प्रधानमंत्री चाहिए ?
धन्य हो कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता, संजय झा, का कि उन्होंने सार्वजानिक रूप से बतलाया कि कोंग्रेसियों को कैसा
Read moreयोगी अनुराग : पिनडैड एसएस-टू वी-फ़ोर
ये नाम उस ब्लैक-ब्यूटी का है, जिसे पीएम मोदी ने थाम रक्खा है! आमतौर पर, बंदूक़ें इस तरह नहीं पकड़ी
Read moreवफ़ा फ़राज़ : कहते हैं विधवाएं तो अपना वैधव्य काट लें पर विधुर काटने दें तब ना।
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में यह कहावत ठेठ देसी अंदाज में दूसरे ही शब्दों में कही जाती है (राँडें
Read moreराजीव मिश्रा : विषैला वामपंथ.. मां मुझे बंदूक दिला दो, दुश्मन को मार भगाऊंगा…
एक मैडम शिक्षिका हैं. वे बच्चों को एक ट्रेनिंग कैंप में कविता के माध्यम से गतिविधि करा रही थीं. कविता
Read moreनितिन त्रिपाठी : कैडर नारेबाज़ी करता है, नेता कार्य.. यदि मुझे मोदीजी बना दें तो शाम 8 बजे ये घोषणा कर दूं…
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता हैं, नाम लेना उचित नहीं. मंत्रि मण्डल में विस्तार के समय उनकी खूब चर्चा थी
Read moreसुरेंद्र किशोर : अमेरिका व भारत में अंतर.. जेल होने पर अफसर निलंबित लेकिन कैदी चुनाव लड़ सकता है…
दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन विचाराधीन कैदी के रूप में महीनों से जेल में हैं। फिर भी उन्होंने मंत्री
Read moreजयराम शुक्ल : राष्ट्रीय प्रथम, यही हमारा धर्म
राष्ट्र हमारे राजनैतिक समाज की व्यवस्था है जबकि धर्म हमारे जीवन की मर्यादाओं व प्रवृत्ति के अनुशासन को तय करता
Read moreNRI अमित सिंघल : देश की समस्याओं का स्थाई समाधान कर रही है मोदी सरकार
जिन लोगों में राजनीतिक स्वार्थ के लिए शॉर्ट-कट अपनाकर, समस्याओं को टाल देने की प्रवृत्ति होती है, वो कभी समस्याओं
Read moreNRI अमित सिंघल : मोदी सरकार में भगोड़े उद्योगपतियों के लोन माफी का असली सच
समय-समय पर अर्बन नक्सल, पत्रकार का रूप धारण करके, मोदी सरकार पर आरोप लगाते रहते हैं कि उन्होंने भगोड़े उद्योगपतियों
Read moreटीशा अग्रवाल : राष्ट्रधर्म सर्वोपरि.. बाकी तो…आल इज वेल!
राष्ट्र या धर्म ? तिरंगा या भगवा? क्या यह वाकई बहस का विषय होना चाहिए? हम जिस सनातन से हैं
Read moreसुरेंद्र किशोर : कुत्ते को तीन मंजिले पर बैठा दो..वह कुत्ता ही रहेगा।’’.. दो शब्द पत्रकारिता पर.. ‘बर्बादी ब्रिगेड’ शिक्षा की आधी बर्बादी कर चुके…
एक पुरानी कहावत है– ‘‘बंगाल जो आज सोचता है,भारत उसे कल सोचेगा।’’ पार्थो चटर्जी आदि ने मिलकर बंगाल की स्कूली
Read moreदेवेंद्र सिकरवार : थिंक टैंक… और गालियों का केंद्र थी ‘माँ’
हिंदुओं के आधुनिक प्रकार के संगठनों में सदैव से एक कमजोर मनोवृत्ति रही है और वह है, विचारकों के प्रति
Read moreसुरेंद्र किशोर : ये नोट असली हैं.. जरूरत लोहे के हाथों की…
इस देश के भ्रष्ट व वोटलोलुप नेताओं और घोटालेबाज अफसरों-व्यापारियों को देसी-विदेशी राष्ट्रद्रोहियों के हाथों पूरी तरह बिक जाने से
Read moreसतीश चंद्र मिश्र : उन जैसा ना कोई था, ना कोई होगा..
चंद्रशेखर आजाद का इतिहास प्रसिद्ध माऊज़र गरजने लगा था और अगले ही क्षण चनन सिंह की लाश सड़क पर बिछ
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