सहयोग क्यों करना चाहिए..?
संसार में देखा जाता है, कि “सभी लोग इतने धनवान बलवान बुद्धिमान नहीं होते, कि वे अपने सारे कार्य स्वयं
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Read more‘‘आया कनागत बंधी आस, बामन उछलें नौ-नौ बांस’’….लोक में यह कहावत पितृ पक्ष को लेकर आम है। यह पक्ष आने
Read moreइस मनुवादी सभ्यता-संस्कृति पर एक आरोप यह भी लगता रहा है कि यह पितृसत्तात्मक या पुरुषवादी संस्कृति है। बल्कि हिन्दू
Read moreआज भादो अंजोर की चतुर्थी है। हमारे यहाँ इसे ढेला चौथ भी कहते हैं। लोक मान्यता है कि इस चतुर्थी
Read moreसतनामी पन्थ के संस्थापक : गुरु घासीदास 18 सितम्बर–जन्म-दिवस छत्तीसगढ़ वन, पर्वत व नदियों से घिरा प्रदेश है। यहाँ प्राचीनकाल
Read more15 मंत्र जो सभी को सीखना और बच्चों को सिखाना चाहिए… 1. महादेव ॐ त्र्यम्बकं यजामहे, सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान्
Read moreआधार निलया वसिनयाधी वाक्देवताओ ने उपसर्ग “नीर” और “निश” का उपयोग करने में एक बहुत बड़ा कौशल दिखाया, जो आम
Read moreभारत के राष्ट्रपति डाक्टर सर्वोपल्ली राधाकृष्णन के विचार — जैसी तुम्हारी इच्छा हो वैसा करो। परमात्मा देखने में तटस्थ या
Read moreउद्धव बचपन से ही सारथी के रूप में श्रीकृष्ण की सेवा में रहे, किन्तु उन्होंने श्रीकृष्ण से कभी न तो
Read moreगर्भपात जैसे महापाप के ऊपर हमारे धर्मशास्त्र क्या कहते है … आगे देखे… एवं इसे प्रचारित करें , ताकि इस
Read more“संसार में धन का भी मूल्य है, और ज्ञान का भी। दोनों का मूल्य अपने-अपने स्थान पर है।” क्योंकि दोनों
Read moreकोई रामगोपाल नाम का फिल्म निर्देशक है। उसका कहना है कि परमाणु बम के जनक ओपेनहाइमर ने गीता पढ़ा होगा
Read more( Psychology in the Vedas ) i) मन का स्वरूप ( शंका समाधान ) हमारे इस लेख पर कुछ महानुभावों
Read moreमुझे निजी तौर पर वाल्मीकि जी के मर्यादा पुरुषोत्तम राम व माता सीता ज्यादा प्रिय है क्योंकि पहली बात तो
Read moreच) वेदों में रसायन विज्ञान ( Chemistry and Alchemy in the Vedas) सृष्टि के सभी पदार्थ भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान
Read moreबलिहारी गुरु आपनों गोविंद दियो बताय गुरुओं के भी गुरु अनादि शंकर भारतीय संस्कृति में गुरु की महिमा अपार है
Read moreजगतपिता व ब्रह्मंड के संचालक का शयन ब्रह्मंड के चार महान बलों को धारण करने वाले व अपने तीन विशाल
Read moreरामचरितमानस एक प्रबंधकाव्य है जिसके नायक दशरथनंदन राम हैं और खलनायक है रावण। नायक-खलनायक के अतिरिक्त इसमें अनेक पात्र हैं
Read moreरावण पुलस्त्य ऋषि (सप्तर्षियों में एक) का पौत्र और एक अन्य ऋषि विश्रवा का पुत्र था। उसकी माँ कैकशी असुर
Read moreआमतौर पर कुछ लोग योग को केवल व्यायाम मान लेते हैं। वैसे इसमें कोई बुराई नही है। योग हमारे शरीर
Read moreभगवान भी बस कौतुक प्रिय हैं. सात वार नौ त्योहर वाले इस समाज में उनका मन भी नित्य नयी लीलाएं
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