पंकज प्रसून : मोदी “मैं साढ़े तीन साल देश चलाता हूं, और अंतिम डेढ़ साल राजनीति करता हूं..”’

मोदी को सोशल मीडिया ने नहीं बनाया है।
मोदी 2001 में मुख्यमंत्री बन चुके थे, तब इस देश में सोशल मीडिया नहीं था। जो mainstream मीडिया थी, वो मोदी का कट्टर दुश्मन थी । खासकर 2002 के गुजरात दंगों के बाद…

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मोदी को बनाया है उनके आलोचकों ने, गाली देने वालों ने। गुजरात दंगों के बाद देश भर की मीडिया उन्हें गाली न देती तो मोदी को जानता कौन? फिर वो हिन्दू हृदय सम्राट कैसे बनते?

अगर अमेरिका मोदी की एंट्री पर बैन नहीं लगाता तो फिर मोदी सिंगापुर, जापान, चीन आदि देशों से संबंध मज़बूत कर “गुजरात मॉडल” कैसे बनाते?

दिल्ली दंगे, शाहीन बाग़, किसान आंदोलन, पहलवान आंदोलन, केजरीवाल और न जाने कितने #toolkit आए और गए

“मौत का सौदागर” और “नीच” जैसे शब्दों ने जिस प्रकार मोदी को बनाया, वैसे ही ये “तेलिया मोदी” भी बनाएगा, याद रखना

याद रखें, मोदी अपनी ज़िंदगी में एक भी चुनाव नहीं हारे…अमित शाह अपनी ज़िंदगी में कभी कोई चुनाव नहीं हारे… योगी आदित्यनाथ अपनी जिंदगी में कभी कोई चुनाव नहीं हारे। और तुम कुछ ट्वीट कर और वीडियो बना कर भाजपा और इन तीनों की हस्ती मिटा दोगे, राजनीति ख़त्म कर दोगे?

मोदी खुद कहते हैं कि मैं साढ़े तीन साल देश चलाता हूं, और अंतिम डेढ़ साल राजनीति करता हूं। अभी तो तीसरे कार्यकाल के डेढ़ साल ही हुए हैं, राजनीति शुरू भी नहीं हुई है और तुमने मृत्युपत्र लिखना शुरू कर दिया?

30 साल से सरकार में और उसके पहले के 20 साल संगठन चलाने का अनुभव। इन 50 सालों में न जाने कितनो को विधायक, सांसद, मंत्री और मुख्यमंत्री मोदी ने बना दिए। सोशल मीडिया के गालीबाज वीरों में से अधिकतर की तो इतनी उम्र भी नहीं होगी।

नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमि

-वरिष्ठ पत्रकार श्री पंकज प्रसून के पोस्ट से साभार।

-चित्र इंटरनेट से साभार।

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