धर्म/आध्यात्म
अमर सिंह : काशी में ही मोक्ष संभव ! (बनारस भाग 18)
लिखना मजबूरी है , बिना पढ़े लिखे नींद नही आती है अतएव इलेक्ट्रान , प्रोटान और न्यूट्रान / इक्क्षा ,
Read moreज्योतिष–कसौटी पर खरे उतरते वैज्ञानिक नियम…!!
ज्योतिष को संसार में विज्ञान का दर्जा देने से कितने ही विज्ञान-कर्ता कतराते है. कारण और निवारण का सिद्धान्त अपना
Read moreनीलेश कुमार शुक्ला : संयम अर्थात् एक युद्ध स्वयं के विरुद्ध
स्वयं द्वारा स्वयं के विरुद्ध छेड़ा जाने वाला संग्राम ही संयम कहलाता है और सरल करें तो संयम की परिभाषा
Read moreस्वामी सूर्यदेव : स्नान मंत्र…
ऐसी सार्वभौमिक परमपरायें जिनके बारे में विश्व सोच भी नहीं सकता और आपके यशस्वी पुरखों ने उन्हें लागू किया उन
Read moreमानव शरीर एक जीता-जागता बिजलीघर.. कुंडलिनी जागरण की श्रेष्ठतम विधियाँ और लाभ
ब्रह्माण्ड में दो प्रकार की शक्तियां कार्य करती हैं, “मानव शरीर एक जीता-जागता बिजलीघर हैं” कुंडलिनी जागरण की श्रेष्ठतम विधियाँ
Read moreविष्णु शर्मा : भारतीय शास्त्रों एवं ग्रंथों के साथ विदेशी छेड़छाड़ को समझना जरूरी
हाल में ही माता सीता को लेकर एक अध्यापक विकास दिव्यकीर्ति के बयान पर काफी बवाल हुआ। उन्होंने महाभारत के
Read moreकृष्णकांत पाठक IAS : मांसाहार..इतिहास की विडम्बना परक व्याख्या
आज किसी समाचार पत्र में खबर थी कि पश्चिम के देश धीरे-धीरे शाकाहार की ओर अग्रसर हो रहे हैं और
Read moreविद्यासागर वर्मा : ईंश्वर प्रदत्त वेद स्वत: प्रमाण
वेदों के यथार्थ स्वरूप को जानने के लिए निम्न पहलुओं को ध्यान में रखना आवश्यक है , अन्यथा अर्थ का
Read moreसंस्कृत को इसलिए पाठ्यक्रमों में अनिवार्य करना चाहिए… संस्कृत का गणित से अटूट संबंध…
संस्कृत भाषा का गणित से संबंध थोड़ा आश्चर्य पैदा करेगा, लेकिन सच तो ये है कि संस्कृत में सब कुछ
Read moreराकेश जॉन : मोदी मंदिर-मंदिर क्यों घूमते हैं.. संस्कृति और सभ्यता में अंतर
शिक्षा, सड़क, बिज़नेस, रोटी, पानी, कपड़ा, रोजगार, तकनीक, संचार इन सबसे एक राष्ट्र प्रगति करता है और विकास करता है।
Read moreस्त्री के सम्मान में हम तो सीता का नाम.. एक धूर्तता से अधिक कुछ नहीं…
करीब-करीब 1950 के लगभग जब गीता प्रेस ने रामचरितमानस छापा, तो उस संस्करण की विशेष बात ये थी कि उसमें
Read moreडॉ. शंकर शरण : आजीवन हिन्दू रहे गौतम बुद्ध..!
‘बुद्ध अपने पोर-पोर में हिन्दू थे।’ लेकिन ठीक इसी बात को नकारने के लिए बुद्ध धर्म की भ्रांत व्याख्या की
Read moreस्वामी सूर्यदेव : यजुर्वेद में तस्करों को नमन जघन्य को नमन..?
आप कहेंगे ये तो उचित नहीं,, चोर डाकू व्यभिचारी बलात्कारी देशद्रोही शत्रु को कोई कैसे नमस्ते करे?? देखते ही उनका
Read moreजयराम शुक्ल : ..पुरखों की विरासत और हम खुदगर्ज लोग
पितरपक्ष समापन की बेला में है। इसके बाद मातृपक्ष शुरू होगा, यानी कि नौदुर्गा। पंद्रह दिन का पितृपक्ष, शरद और
Read moreमनुष्य के सबसे सुंदर अंग पांव.. इतने सुंदर कि उन्हें पूजा जाता है…
पुरुष की प्रतिष्ठा उसकी स्त्री तय करती है और स्त्री का सौंदर्य उसका पुरुष। कुछ तस्वीरें बहुत सुन्दर होती हैं।
Read moreस्वामी सूर्यदेव : मंत्र–ध्वनि विज्ञान का चर्मोत्कर्ष..
हमारे यशस्वी पुरखों ने, वेदवेत्ता ऋषियों ने जिन ऊंचाइयों को छुआ अभी हमारे या पश्चिम के बस की बात नहीं
Read moreमहामृत्युंजय मंत्र की असीम ऊर्जा से फेल हुआ क्वांटम मशीन का मीटर
चेतना, जो कि ऊर्जा की विवेकपूर्ण व संपूर्ण अभिव्यक्ति है, आज भी विज्ञान के लिए एक अबूझ पहेली है। नई
Read moreमड़वारानी मंदिर में महामृत्युंजय जप..20 जुलाई को हवन
कोरबा। मां मड़वारानी सेवा एवं जनकल्याण समिति द्वारा संचालित मां मड़वारानी मंदिर में समिति के द्वारा प्रति वर्ष की भांति
Read moreशिवलिंग पर पैर लगाते एक व्यक्ति की तस्वीर सोशल मिडिया पर क्यों वायरल हो रही है?
जैसे ही खबर आई कि कोर्ट के आदेश पर बनी एक कमेटी की जांच में ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में
Read moreनीतिन त्रिपाठी : मेडिटेशन व्यक्तिगत जीवन में बहुत पॉज़िटिव चेंज लाता है
मेडिटेशन व्यक्तिगत जीवन में बहुत पॉज़िटिव चेंज लाता है. मैं वृश्चिक राशि वाला हूँ तो कभी भी किसी से पंगा
Read moreदेवेंद्र सिकरवार : क्या होता जो कृष्ण और बुद्ध एक दूसरे के आमने सामने आते!
अभी वैष्णवी तिलक लगा दो यही पंचवटी वासी राम दिखने लगेंगे। (राम का वंशज ही बुद्ध का रूप धार सकता
Read moreस्वामी सूर्यदेव : सृष्टि की प्रथम पुस्तक…
हालांकि वेद का अर्थ ज्ञान होता है,,इसके अलावा लाभ.. अस्तित्व,, विचार भी वेद को ही कहते हैं… वेद को पुस्तक
Read moreसंजय तिवारी मणिभद्र : …संस्कार के बाद 4 कदम उत्तर की ओर बच्चा क्यों चलता है ?
आज भी पूरे भारत में जब उपनयन संस्कार होता है तो उपनयन (जनेऊ) पहनने के बाद बच्चा चार कदम उत्तर
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