श्रीमद् देवी भागवत (4) : पं. राजकुमार शर्मा बोले “जीवन में सफल लोग आदिशक्ति की आराधना से जुड़े है ”
कोरबा। ” मां आदिशक्ति ने दुर्गा के रूप में अवतार लिया था। जीवन में भागवत कथा सुनने का सौभाग्य मिलना
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Read moreकोरबा। “तीर्थ यात्रा जीवन में सबको करना चाहिए क्योंकि तीर्थ यात्रा करने से मन-आत्मा की शुद्धि के साथ ही अर्थ
Read moreकोरबा। श्रीमद् देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन पंडित श्री राजकुमार शर्मा जी के मुखारविंद से आज दूसरे
Read moreकोरबा। श्रीमद् देवी भागवत पुराण ज्ञान यज्ञ का आयोजन गुप्त नवरात्रि के पावन पर्व पर मां सिद्धिदात्री तीर्थ यात्रा सेवा
Read more‘‘वियोगी होगा पहला कवि, आह से उपजा होगा गान’’ भगवान के नाम सब एक से बढ़कर एक अनमोल हैं। भगवान
Read more” महाकुंभ की दिव्य छत्रछाया में एकत्रित हुए हम सभी की आस्था और भक्ति का अमृत हमारी आत्माओं को पवित्र
Read moreकोरबा। जो मनुष्य आज के भौतिक सुख साधन की जगह आध्यात्मिक रास्ते को अपनाकर जीवन में चलता है और श्रद्धा
Read moreउत्तरायण तथा मकर संक्रान्ति की हार्दिक शुभकामनाएँ। ( तमसो मा ज्योतिर्मय ! ) हे प्रभो ! हमें अन्धकार से प्रकाश
Read moreश्रीनिवास रामानुजन की जयंती पर…(२२ दिसंबर ) यह बड़ी अजीब सी बात है कि साहित्यिक होते हुए भी मैं किसी
Read moreआज एक धर्मप्रेमी सज्जन ने प्रश्न किया कि— देवोत्थान एकादशी पर श्रीमद् विष्णु के उठने का भी कोई शुभ मुहूर्त
Read moreसंत दिवाली नित करें, सत्तलोक के माहिं आज रमा एकादशी है। यानी लक्ष्मी जी से जुड़ी तिथि। यह एक माइल
Read moreमंदिर जाने का अर्थ हमेशा भगवान से कुछ मांगना नहीं होता, बस उन्हे देखने और उत्पन्न भाव को महसूस करने
Read moreभगवान वराह की यह मुद्रा मुझे बहुत आकर्षक लगती है. मानों भगवान कृष्ण ब्रह्माण्ड की नीरवता में बंसी की मधुर
Read moreमौन वाणी से अधिक मुखर होता है, लेकिन प्रत्येक व्यक्ति के लिए नहीं। मौन उन्हीं के लिए मुखर होता है
Read moreआदित्य हृदय स्तोत्र में भगवान भुवन भास्कर को एक खग यानी पक्षी बताया गया है. विशाल आकाश मे पर फैलाये
Read moreविधेयात्मा : ऐसा ठाकुर जो राजी-खुशी बिक जाए बेमोल इस बार गर्मी अपने पूरे शवाब पर है। पर मुझे यह
Read moreजो लड़े दीन के हेत, सूरा सोई _____________________ भगवान की गीता में प्रसिद्ध उक्ति है कि वह साधु यानी सज्जन
Read moreभई प्रगट कुमारी बैसाख की चिलचिलाती दोपहर होने को आई पर आज भी लगता है महाराज जनक की मनोकामना पूरी
Read moreमनुष्य जिस स्थान में रहता है, उसे अपना घर कहता है। धाम नहीं। धाम प्राय: ईश्वर के निवास के स्थान
Read moreभारत में हिंदू सनातन संस्कृति के अनुसार नए वर्ष का प्रारम्भ वर्षप्रतिपदा के दिन होता है। वर्षप्रतिपदा की तिथि निर्धारित
Read moreअप्रैल का माह शुरू हो गया है। यानी मौसम और मन-मिजाज में ताप की तीव्रता और प्रखरता बढ़ने का काल।
Read moreकार के टायर, कूड़ा करकट, गंदे पेपर आदि दुर्गंध देने वाली वस्तुओं को पवित्र अग्नि में आहुति न दी जाए,
Read moreब्राह्मणों के अद्भुत-विज्ञान ——————————- ऊर्जा तरंग के रूप में गति करती है। ये तरंग ही वैदिक भाषा में छन्द कहलाते
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