Author: Prakash Sahu
डाॅ. चन्द्र प्रकाश सिंह : तक्षशिला-नालंदा.. विश्वविद्यालय जब ज्ञान की साधना के स्थान पर कहानी गढ़ने के अड्डे बन जाते हैं तब…
आजकल सोशल मीडिया पर एक संदेश प्रसारित किया जा रहा है कि नालंदा विश्वविद्यालय विद्वानों से भरा था फिर भी
Read moreकौशल सिखौला : स्वाति मालीवाल भारी पड़ेगी.. आपको भी और लड़ सकती हूं वाली लड़की को भी ?
हद हो गई बेशर्मी की । आम आदमी पार्टी की सांसद हैं स्वाति मालीवाल । अब आतिशी जैसी नेता उन्हें
Read moreपार्किंग अव्यवस्था पर आक्रोशित रेल यात्री अमनदीप बोले – “आम व्यक्ति की इज्जत से टेंडर की बोली इतनी बड़ी नही…”
रायपुर। रायपुर रेलवे स्टेशन पर नो पार्किंग में खड़े वाहनों के चालकों से अवैध वसूली को लेकर बुधवार को जिला
Read moreरुबिका लियाकत : ..और दैवीय शक्तियाँ कभी रिटायर नहीं होती हैं!
रुबिका लियाकत लिखती हैं :- *किस्सा साक्षात्कार का* आप लोगों संग एक बात साझा करना चाहती हूँ। मुझे लगता है
Read moreसमर प्रताप : इस तरह वो फिर हैक करेगा.. आएगा तो वही को लायेगा कौन ????
सुबह की कॉफी निपटाते हुवे चर्चाएं आजकल राजनीति की ही होती है। हर जाति बीजेपी से नाराजगी दिखा रही है
Read moreचीन बोला इतनी सीटें.. EVM में गड़बड़ी कहने वाले 200.. मोदी कह रहे 400 पार..
विपक्षी दल के नेता अक्सर चुनाव में EVM में गड़बड़ी को लेकर पब्लिक के बीच भ्रामक स्थिति लगातार निर्मित करते
Read moreजगत जननी जगतारिणी मां जानकी का प्राकट्योत्सव
भई प्रगट कुमारी बैसाख की चिलचिलाती दोपहर होने को आई पर आज भी लगता है महाराज जनक की मनोकामना पूरी
Read more96.8% लाने वाली अन्वेषा पांडेय इसरो में वैज्ञानिक बनना चाहती है
कोरबा। सफलता मेहनत और लगन का अभूतपूर्व परिणाम है यह सिद्ध किया है अन्वेषा पांडेय ने। बचपन से ही होनहार
Read moreCAA : पहली बार में इन्हें मिली आज नागरिकता
नागरिकता (संशोधन) नियम, 2024 की अधिसूचना जारी होने के बाद आज पहली बार नागरिकता प्रमाणपत्रों का वितरण किया गया। केन्द्रीय
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◆बालको ने समुदाय में सुरक्षा संस्कृति के विकास को दिया बढ़ावा। ◆70 से अधिक सुरक्षा प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन। ◆
Read moreघमासान : चुनाव को लेकर बिलासपुर सराफा एसोसिएशन की आपात बैठक..कार्यवाहक पदाधिकारियों को दिया पत्र
छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन का चुनाव जल्द कराया जाए बिलासपुर सराफा एसोसिएशन ने की मांग। प्रदेश के कार्यवाहक पदाधिकारियों से सात
Read moreसर्वेश तिवारी श्रीमुख : कका मुस्कुराए.. बोले, “शुक्र मनाओ कि भक्त हैं, चम…”
कल मुख्यमंत्री जी आये थे। अरे हमारे गोपालगंज में! कहने लगे, “हमसे दो बार गलती हुई है। हम इधर से
Read moreसमर प्रताप : रिश्वतखोरी.. बीजेपी ने आते ही इंटरव्यू बन्द किया और वही मोदी वाला सिस्टम यहां भी हुआ
जब मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री बने तो नौकरियो में यहां भी इंटरव्यू सिस्टम था। सरकारी नोकरियो में टेस्ट के
Read moreप्रहलाद सबनानी : वस्तु एवं सेवा कर संग्रहण में वृद्धि से गरीब वर्ग तक सहायता पहुंचाना हुआ आसान
आपको ध्यान होगा कि जब केंद्र सरकार वस्तु एवं सेवा कर को भारत में लागू करने के प्रयास कर रही थी तब कई विपक्षी दलों ने इस नए कर को देश में लागू करने के प्रति बहुत आशंकाएं व्यक्त की थीं। उस समय कुछ आलोचकों का तो यहां तक कहना था कि वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली देश में निश्चित ही असफल होने जा रही है एवं इससे देश के गरीब वर्ग पर कर के रूप में बहुत अधिक बोझ पड़ने जा रहा है। परंतु, केंद्र सरकार ने देश में पूर्व में लागू जटिल अप्रयत्यक्ष कर व्यवस्था को सरल बनाने के उद्देश्य से वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली को 1 जुलाई 2017 से पूरे देश में लागू कर दिया था तथा इस कर में लगभग 20 प्रकार के करों को सम्मिलित किया गया था। वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली को लागू करने के तुरंत उपरांत व्यापारियों को व्यवस्था सम्बन्धी कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा था। परंतु, इन परेशानियों को केंद्र सरकार एवं विभिन्न राज्य सरकारों के सहयोग से धीरे धीरे दूर कर लिया गया है एवं आज वस्तु एवं सेवा कर के अन्तर्गत देश में कर व्यवस्था का तेजी से औपचारीकरण हो रहा है जिससे देश में वस्तु एवं सेवा कर संग्रहण कुलांचे मारता हुआ दिखाई दे रहा है। किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए धन की आवश्यकता होती है और यह धन देश की जनता से ही करों के रूप में उगाहे जाने के प्रयास होते हैं। उस कर व्यवस्था को उत्तम कहा जा सकता है जिसके अंतर्गत नागरिकों को कर का आभास बहुत कम हो। जिस प्रकार मक्खी गुलाब के फूल से शहद कुछ इस प्रकार से निकालती है कि फूल को मालूम ही नहीं पड़ता है, ठीक इसी प्रकार की कर व्यवस्था केंद्र सरकार द्वारा, वस्तु एवं कर सेवा के माध्यम से, देश में लागू करने के प्रयास किये गए हैं। गरीब वर्ग द्वारा उपयोग की जाने वाली वस्तुओं पर कर की दर को या तो शून्य रखा गया है अथवा कर की दर बहुत कम रखी गई है। इसके विपरीत, धनाडय वर्ग द्वारा उपयोग की जाने वाली वस्तुओं पर कर की दर बहुत अधिक रखी गई है। वस्तु एवं सेवा कर की दर को शून्य प्रतिशत से लेकर 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत एवं 28 प्रतिशत अधिकतम तक रखा गया है। भारत में वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली को लागू किया हुए 6.5 वर्षों से अधिक का समय हो चुका है एवं आज देश में अप्रत्यक्ष कर संग्रहण में लगातार हो रही तेज वृद्धि के रूप में इसके सुखद परिणाम स्पष्टत: दिखाई देने लगे हैं। दिनांक 1 मई 2024 को अप्रेल 2024 माह में वस्तु एवं सेवा कर के संग्रहण से सम्बंधित जानकारी जारी की गई है। हम सभी के लिए यह हर्ष का विषय है कि माह अप्रेल 2024 के दौरान वस्तु एवं सेवा कर का संग्रहण पिछले सारे रिकार्ड तोड़ते हुए 2.10 लाख करोड़ रुपए के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो निश्चित ही, भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शा रहा है। वित्तीय वर्ष 2022 में वस्तु एवं सेवा कर का औसत कुल मासिक संग्रहण 1.20 लाख करोड़ रुपए रहा था, जो वित्तीय वर्ष 2023 में बढ़कर 1.50 लाख करोड़ रुपए हो गया एवं वित्तीय वर्ष 2024 में 1.70 लाख करोड़ रुपए के स्तर को पार कर गया। अब तो अप्रेल 2024 में 2.10 लाख करोड़ रुपए के स्तर से भी आगे निकल गया है। इससे यह आभास हो रहा है कि देश के नागरिकों में आर्थिक नियमों के अनुपालन के प्रति रुचि बढ़ी है, देश में अर्थव्यवस्था का तेजी से औपचारीकरण हो रहा है एवं भारत में आर्थिक विकास की दर तेज गति से आगे बढ़ रही है। कुल मिलाकर अब यह कहा जा सकता है कि भारत आगे आने वाले 2/3 वर्षों में 5 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर मजबूती से आगे बढ़ रहा है। भारत में वर्ष 2014 के पूर्व एक ऐसा समय था जब केंद्रीय नेतृत्व में नीतिगत फैसले लेने में भारी हिचकिचाहट रहती थी और भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व की हिचकोले खाने वाली 5 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल थी। परंतु, केवल 10 वर्ष पश्चात केंद्र में मजबूत नेतृत्व एवं मजबूत लोकतंत्र के चलते आज वर्ष 2024 में भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है और विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है। वस्तु एवं सेवा कर के माध्यम से देश में कर संग्रहण में आई वृद्धि के
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कैशलेस स्वास्थ्य योजना की जानकारी लेने पहुंची मध्यप्रदेश विद्युत कंपनी व पंजाब की टीम रायपुर, 14 मई 2024. छत्तीसगढ़ स्टेट
Read moreदयानंद पांडेय : राजीव गांधी की जीत को मात देती नरेंद्र मोदी की हाहाकारी जीत
2024 में अनुमान से कहीं अधिक नरेंद्र मोदी की हाहाकारी जीत 1984 के राजीव गांधी की कांग्रेसी जीत को मात
Read moreसुरेंद्र किशोर : 1977 में पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी की गिरफ्तारी की घटना को याद कर लीजिए…
सन 1977 में पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी की गिरफ्तारी की घटना को याद कर लीजिए ———————– जांच एजेंसी किसी
Read moreपवन विजय : आयातित मातृ दिवस बनाम गौतमी, वाशिष्ठि, यज्ञश्री जैसी माओं के नाम से शासन
यह सिक्का गौतमीपुत्र शातकर्णि द्वारा जारी किया गया है। महत्वपूर्ण यह नही कि लगभग 100 ईस्वी में ये सिक्के धातु
Read moreपवन विजय : …फिर शिव के साक्षात स्वरूप आदि शंकराचार्य की जय बोलिए
आज वैशाख शुक्ल पंचमी है। आज के दिन केरल कलादी गांव में आचार्य शिवगुरु के यहां मंगल स्वर उठ रहे
Read moreप्रहलाद सबनानी : पंच परिवर्तन बनेगा समाज परिवर्तन का सशक्त माध्यम
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए पिछले लगभग 99 वर्षों से निरंतर कार्य कर रहा है। भारतीय
Read moreपाकिस्तान के पास एटम बम पर पीएम मोदी बोले, “बम बेचने की नौबत..”
लोकसभा चुनाव 2024 के चौथे चरण से पूर्व ओडिशा के कंधमाल में पीएम नरेंद्र मोदी ने एक विशाल जनसभा को
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