Author: Prakash Sahu
पर्वसंस्कृति का द्वंद्वात्मक बाजारवाद विमर्श / जयराम शुक्ल
बाजार के ढंग निराले होते हैं। वह हमारी जिंदगी को भी अपने हिसाब से हांकता है। कभी पंडिज्जी लोग तय
Read moreआज पुण्यतिथि.. लोहिया : एक स्मृति की अनुभूति – जगदीश जोशी
गांधी के अवसान के उपरांत तीन प्रकार के गांधीवादी उभर कर सामने आये सरकारी गांधीवादी, मठी गांधीवादी, और कुजात गांधीवादी।
Read moreकृष्ण : प्रेमी, योद्धा या दार्शनिक… -देवेन्द्र सिकरवार
सर्वप्रथम तो यह बहस प्रारंभ होने से पहले ही मैं यह कहकर समाप्त करता हूँ कि कृष्ण के प्रत्येक रूप
Read more-जेपी और नानाजी- राजनीति के जंगल में शुचिता के द्वीप..! जयंती / जयराम शुक्ल
अक्टूबर का महीना बड़े महत्व का है। पावन,मनभावन और आराधन का। भगवान मुहूर्त देखकर ही विभूतियों को धरती पर भेजता
Read moreबालको और हेल्पएज इंडिया ने चलित स्वास्थ्य इकाई के संचालन के लिए किया एमओयू
बालकोनगर, 8 अक्टूबर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) प्रबंधन ने सामुदायिक विकास कार्यक्रम के अंतर्गत चलित
Read moreसुशासन के 20 बरस : नई सोच के साथ बदलाव की मजबूत नींव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि जब वो सार्वजनिक जीवन में नहीं थे तो उन्होंने 30-35 साल एक सामाजिक
Read moreकेंद्रीय कोयला मंत्रालय की पॉलिसी : मेगा परियोजनाओं के विस्तार पर राज्य शासन के उच्च अधिकारियों की बैठक में कोरबा कलेक्टर व एस.पी. हुए शामिल
एस.ई.सी.एल. मुख्यालय बिलासपुर स्थित बिलासपुर भवन में विगत दिनों राज्य शासन के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक सम्पन्न हुई
Read moreनिरा’आधार’ जिन्दगी का ग्रोथरेट -साँच कहै ता../ जयराम शुक्ल
आज से कोई बारह-चौदह साल पहले जब यूपीए सरकार ने यूनिक आईडी की अवधारणा दी थी तब स्तंभकार व मैनेजमेंट
Read more300 सेकंड में जवाब देकर आज जीतें 50,000 ₹
20 वर्ष : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी 7 अक्टूबर को शासन-प्रमुख के रूप में 20 साल पूरे कर लिए
Read moreसन 1969 की इंदिरा गांधी की नकल का खतरा उठाएंगे राहुल गांधी ? -सुरेंद्र किशोर-
क्या राहुल गांधी सन 1969 की इंदिरा गांधी की भूमिका को दोहराएंगे ? तब इंदिरा गांधी ने कांग्रेस में महा
Read moreलाल बहादुर शास्त्री की रहस्यमयी मृत्यु से जुड़े रिकॉर्ड राज्यसभा के पास उपलब्ध नहीं है। ऐसा क्यों ?
लाल बहादुर शास्त्री की रहस्यमयी मृत्यु से जुड़े रिकॉर्ड राज्यसभा के पास उपलब्ध नहीं है। ऐसा क्यों? दस्तावेजों को जमीन
Read moreछत्तीसगढ़िया क्रांति सेना की नई क्रांति.. “जेल जाबो आंदोलन”
छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का आधार कृषि ही रहा है लेकिन पिछले कुछ वर्षों से यहां के खेती किसानी को नष्ट
Read moreपत्रकारों का तीर्थ ; राजेन्द्र माथुर का बदनावर… प्रथम पुरुष / जयराम शुक्ल
धार के पत्रकार मित्रों ने जब यह शुभ सूचना दी कि बदनावर में राजेन्द्र माथुरजी की मूर्ति की प्राणप्रतिष्ठा सुनिश्चित
Read moreऐसे में कांग्रेस तो क्या मोदी की भी हिम्मत नहीं होती..लेकिन… -चन्दर मोहन अग्रवाल
बहुत से अतिवादी हिन्दू अक्सर मुझसे पूछते थे कि भारत इस्राइल का साथ न देकर मुस्लिम देश जैसे UAE, सऊदी,
Read moreकौव्वे इसलिए हमारे पुरखे..! लोकविमर्श / जयराम शुक्ल
पितरपख जाने को है कौव्वे कहीं हेरे नहीं मिल रहे। इन पंद्रह दिनों में हमारे पितर कौव्वे बनके आते थे।
Read moreभारत 1980 का और आज का ! अमरीकियों की नजरों में – सुरेंद्र किशोर-
न्यूयार्क टाइम्स संवाददाता की 1980 की पटना यात्रा के बारे में यहां मैं बता रहा हूं। नरेंद्र मोदी की ताजा
Read moreन वामपंथी थे.. न नास्तिक थे भगतसिंह, राष्ट्रवाद की भावना कम्यूनिस्ट पार्टी की विचारधारा में निषिद्ध
किसी विचारधारा या किसी नेता के व्यक्तित्व से प्रभावित होने मात्र से भगत सिंह जैसे क्रांतिकारी को वामपंथी घोषित कर
Read moreचलिए जिंदा पितरों की भी सुधि लें ! …साँच कहै ता / जयराम शुक्ल
“कभी संयुक्त परिवार समाज के आधार थे जहां बेसहारा को भी जीते जी अहसास नहीं हो पाता था कि उसके
Read moreपी. चिदंबरम के PM मोदी के संबोधन पर तंजी ट्वीटी पर मिले जवाब…ये भी बता दीजिए कि टोटल कितनी चेयर थीं, औऱ कितनी खाली रह गईं,जो भरी थीं,उन पर कौन कौन बैठा था..
अमेरिका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन पर कांग्रेस नेता पी.चिदंबरम ने ट्वीट कर तंज कसते हुए उन्होंने कहा है
Read moreएक यायावर महाव्रती को नमन करते हुए… स्मरण / जयराम शुक्ल
मुगलसराय जंक्शन अब पं.दीनदयाल उपाध्याय के नाम से जाना जाता है। कुछ वर्ष पहले जब नाम बदलने की बात उठी
Read moreक्या यह तिलमिलाहट बिलबिलाहट “आका” पाकिस्तान का माल पकड़ लिए जाने के कारण है..?
काँग्रेसी यूपीए के शासनकाल में सरकारी संरक्षण में हुई 75 हजार किलो सोने की तस्करी को यह देश भूला नहीं
Read more20 वी सदी की गलती सुधारकर 21वी सदी के भारत में ट्रेनों-संस्थाओं के नाम वीरांगनाओं लक्ष्मीबाई आदि के बाद …अब ‘ खानदान ‘ के नाम पर नहीं बल्कि देश के राष्ट्रीय नायकों के नाम पर रखे जा रहे हैं स्कूलों-कॉलेजों के नाम
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख सहित देश के विभिन्न हिस्सों में स्कूलों-कॉलेजों का नामकरण परिवार विशेष के सदस्यों के नाम पर करने के
Read moreराष्ट्रीय स्तर पर परिवर्तन के लिए समग्र शिक्षा प्रणाली : इतिहास के साथ भौतिक शास्त्र, मेडिकल के साथ समाज विज्ञान विज्ञान
पीएचडी में दाखिला मास्टर डिग्री की पढ़ाई किए बगैर लिया जा सकेगा। मास्टर डिग्री के बाद डॉक्टरेट का विकल्प भी
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