अतिथि संपादक
डॉ. भूपेंद्र सिंह : कुंभ.. ये घटिया और बेहूदा नैरेटिव टूट चुका है
पहले अखिलेश यादव, फिर चंद्रशेखर रावण और उसके बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोगों को यह बताने की कोशिश की कि
Read moreडॉ. भूपेंद्र सिंह : कुंभ.. पूरा दबाव दलित समाज ने बनाकर रखा हुआ है.. यहीं भारत है
पहले धार्मिक मेले में जाना दकियानूसी समझा जाता था और अब इसे कूल माना जा रहा है। यह बहुत बड़ा
Read moreसर्वेश तिवारी श्रीमुख : विश्वास के बहाने !
सबसे पहले तो यह स्पष्ट होना चाहिये कि राम चर्चा करने के लिए किसी का जनेवधारी होना आवश्यक नहीं है।
Read moreप्रहलाद सबनानी : भारत के भविष्य को लेकर नेताजी सुभाषचंद्र बोस की दृष्टि
23 जनवरी : नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जन्म तिथि पर लेख भारत के भविष्य को लेकर नेताजी सुभाषचंद्र बोस
Read moreप्रसिद्ध पातकी : विष्णु सहस्रनाम में कवि.. कवि शब्द ‘कु’ से बना है
‘‘वियोगी होगा पहला कवि, आह से उपजा होगा गान’’ भगवान के नाम सब एक से बढ़कर एक अनमोल हैं। भगवान
Read moreस्व सहायता समूह की महिलाओं ने बालको संयंत्र में लगाया फूड वैन
बालकोनगर, 20 जनवरी, 2025। बालको, उन्नति परियोजना के अंतर्गत स्व सहायता समूह की महिलाओं ने संयंत्र परिसर के अंदर फूड
Read moreडॉ. पवन विजय : संघर्ष व्यवस्था की स्थापना के लिए होता है..
सनातन कहते हो तो जानों भी, आचरण में उतारो भी अन्यथा सनातनी होने का कोई अर्थ नहीं। सनातन शब्द के
Read moreदेवेंद्र सिकरवार : कुंभ.. जब वह बौद्ध सम्राट एक वस्त्र अपनी कमर में लपेटकर जनसमुदाय के समक्ष विनीत भाव से करबद्ध खड़ा हो जाता था..
कुम्भ कुम्भ भारत का ऐसा अद्भुत आयोजन है जिसके ढेरों अद्भुत आयाम हैं, यहां तक कि मेरे जैसा भीड़ से
Read moreप्रयागराज में आयोजित हो रहे महाकुम्भ मेले का आध्यात्मिक एवं आर्थिक महत्व
हिंदू सनातन संस्कृति के अनुसार कुंभ मेला एक धार्मिक महाआयोजन है जो 12 वर्षों के दौरान चार बार मनाया जाता
Read moreसुरेंद्र किशोर : मुकेश चंद्राकार हत्याकांड.. खोजी पत्रकारों की सुरक्षा के लिए संस्थागत प्रबंध करे सरकार और मीडिया संस्थान
छत्तीस गढ़ के खोजी पत्रकार मुकेश चंद्राकर की अत्यंत निर्मम तरीके से हत्या कर दी गयी। सरकार की सड़क योजना
Read moreअमेरिकी आर्थिक नीतियां अन्य देशों को विपरीत रूप से प्रभावित कर सकती है
वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अन्य देशों की मुद्राओं की कीमत
Read moreप्रहलाद सबनानी : सांस्कृतिक परम्पराओं के चलते पूरे विश्व में अपना विशेष स्थान बनाता भारत
आर्थिक क्षेत्र में प्रगति की दृष्टि से भारत की अपनी विशेषताएं हैं, जो अन्य देशों में नहीं दिखाई देती हैं।
Read moreसर्वेश तिवारी श्रीमुख : मैना!
तेरह वर्ष की उस बालिका को पिता ने आदेश दिया था, “युद्ध में पकड़े गए अंग्रेज बच्चों और स्त्रियों को
Read moreअमित सिंघल : कोंग्रेसियों को पता था कि वह भ्रामक है, लेकिन फिर भी ऐसा दुष्कृत्य किया
कुछ वर्षो से देखता आ रहा हूँ कि लोग भ्रामक समाचार, पोस्ट, वीडियो, कृत्रिम बुद्धि से “निर्मित” फोटो या वीडियो
Read moreप्रहलाद सबनानी : विदेशों के मुकाबल भारत में अतिधनाड्यों की संख्या बढ़ी.. पारंपरिक व्यवसाय वाले अग्रणी
भारत में आर्थिक प्रगति की दर लगातार तेज होती दिखाई दे रही है। भारत के सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि
Read moreसुरेंद्र किशोर : ‘‘दमन तक्षकों का’’ अद्भुत इन्सान थे किशोर कुणाल
अद्भुत इन्सान थे किशोर कुणाल ————- कहते हैं कि ईश्वर जिसे पसंद करता है,उसे समय से पहले ही पास बुला
Read moreअमित सिंघल : नौकरी के विषय में निजी क्षेत्र के बैंको ने सरकारी क्षेत्र को बहुत पीछे छोड़ा.. आश्चर्यजनक आंकड़े
सोनिया सरकार की शुरुवात में, वर्ष 2004-05, भारत में सभी बैंको – सरकारी एवं निजी – में कुल 8,58,560 कर्मचारी
Read moreडॉ. पवन विजय : लेखन कार्य शादी डॉट कॉम नहीं है जो इसके जरिए आप अपने रिश्ते तय करते हैं
आपका लाभ/ग्लैमर के पद पर होना आपके साहित्यकार होने की वैधता है। मेरा एक अवलोकन है कि तथाकथित राइट विंगर
Read moreडॉ. पवन विजय : वामियों की ट्रिक..65 लाख की डकैती.. लेकिन इस्कॉन का भगवद्गीता यथास्वरूप अधिक पीछे नहीं है
2014 में एक चैनल पर हम पैनलिस्ट थे, विषय हिंदी की दुर्दशा को लेकर था। प्रस्तोता महोदय ने मुझसे एक
Read moreध्रुव कुमार : क्या पुस्तकों में चेतना होती हैं..!
पुस्तकों का अपना रूहानी संसार होता है। कभी कभी मुझे लगता है कि किताबों में भी चेतना होती है क्योंकि
Read moreअमित सिंघल : यही खड़गे एवं राहुल का “मानवाधिकार” है
राज्य सभा एवं लोक सभा में विपक्ष के नेता, मल्लिकार्जुन खड़गे एवं राहुल गाँधी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष
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