Author: Prakash Sahu
राष्ट्र की अमर विरासत आदिवासी-सन्यासी बलिदानियों और इतिहास के भूले-बिसरे नायकों को राष्ट्रीय पहचान व सम्मान दिला रहे पीएम मोदी
भारत के इतिहास में महान वीरों, बलिदानियों, सेनानियों, योद्धाओं की कमी नहीं रही है, लेकिन आजादी के बाद कांग्रेस ने
Read moreपुस्तक समीक्षा : जिंदगी की बात संस्कृत के साथ
हिंदी पुस्तक ज़िंदगी की बात संस्कृत के साथ हमारे जीवन से संबंधित 37 विषयों पर विचारशील लेखों और संस्कृत श्लोकों
Read moreतहसीलदार या हवलदार…जनसमुदाय को प्रशासन में सुधार की अनुभूति राजस्व विभाग के कामकाज से
तहसीलदार या हवलदार…आम इंसान की समस्या बस यही तक की ही रहती है और समूचे प्रशासनिक व्यवस्था में मात्र ये
Read moreयहां हुआ था आदिवासियों का बड़ा नरसंहार…
आदिवासी समाज का स्वतंत्रता संग्राम में बड़ा महत्वपूर्ण योगदान रहा है लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि देश की स्वतंत्रता
Read moreसुरेंद्र किशोर : गाय,गंगा और गीता.. यहां है जीत के सर्वाधिक अवसर…गाय का मतलब है-देसी गाय…
सोेनपुर मेले में एक फ्रांसीसी पर्यटक से एक भारतीय टी.वी.संवाददाता ने पूछा, ‘‘यहां आपको वह कौन सी पसंदीदा चीज लगी
Read moreके. विक्रम राव : जजों की नियुक्ति ? अपनों ही द्वारा होना बेढंगा हैं !
एक वैधानिक संयोग हुआ। बड़ा विलक्षण भी ! दिल्ली में कल (शुक्रवार, 25 नवंबर 2022) भारतीय संविधान की 73वीं सालगिरह
Read moreसुरेंद्र किशोर : जिस देश में ऐसे -ऐसे नेता सत्ता में , उस देश में लोकतंत्र का भविष्य कैसा ?
ममता बनर्जी ने बंगलादेशी घुसपैठिया समर्थक वाम मोरचा सरकार का विरोध करके पश्चिम बंगाल में सन 2011 में सत्ता में
Read moreमानव शरीर एक जीता-जागता बिजलीघर.. कुंडलिनी जागरण की श्रेष्ठतम विधियाँ और लाभ
ब्रह्माण्ड में दो प्रकार की शक्तियां कार्य करती हैं, “मानव शरीर एक जीता-जागता बिजलीघर हैं” कुंडलिनी जागरण की श्रेष्ठतम विधियाँ
Read moreविष्णु शर्मा : भारतीय शास्त्रों एवं ग्रंथों के साथ विदेशी छेड़छाड़ को समझना जरूरी
हाल में ही माता सीता को लेकर एक अध्यापक विकास दिव्यकीर्ति के बयान पर काफी बवाल हुआ। उन्होंने महाभारत के
Read moreशिवेश प्रताप : ‘साफ्ट स्टेट’ की पहचान को छोड़कर एक मजबूत एवं स्पष्ट हितों वाले देश के रूप में उभरते भारत की तस्वीर
भारत राष्ट्र की बीते 75 वर्षों की यात्रा का सिंहावलोकन करें तो हम पाते हैं कि यह यात्रा आसान नहीं
Read moreप्रहलाद सबनानी : 5 लाख करोड़ डालर की भारतीय अर्थव्यवस्था ग्रामीण विकास के सहारे..विश्व स्तरीय संस्थाओं ने की प्रशंसा
आज विश्व के लगभग सभी विकसित एवं विकासशील देश आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। इन समस्त अर्थव्यवस्थाओं के बीच
Read moreफेमिनिज्म को तमाचा मारता.. फेक नैरेटिव को तोड़ता..आखिर 2022 में एक महिला को तीन बच्चे कैसे और क्यों चाहिए..?
” बरसों बाद फेक फेमिनिज्म को तमाचा मारते हुए कोई कंटेंट दिखा। कुछ हटकर बना। फेक नैरेटिव को तोड़ते हुए।
Read moreमालिक अनिल अग्रवाल के सपनों को रोज आग लगा रहा है बालको प्रबंधन..!! …ऐसे में फिर बिकेगी बालको ??
वेदांता ग्रुप का जोर कर्ज घटाने और अपने मुख्य कारोबार पर फोकस करने की दृष्टि से दिग्गज माइनिंग कंपनी वेदांता
Read moreसुरेंद्र किशोर : यदि 2024 में केंद्र में सरकार बदल गई तो नई सरकार के लिए कितना आसान होगा बड़े- बड़े नेताओं के मुकदमों को वापस लेना ?..एक काल्पनिक सवाल !
सन 2024 के लोक सभा चुनाव के नतीजे की कल्पना कीजिए। यदि उस चुनाव में भाजपा हार गई और नरेंद्र
Read moreहरेश कुमार : …को फांसी हुई पर उसको नहीं हुई. वो आजादी के बाद तक जिंदा रहा. पर देश ने क्या किया उसके साथ? जो किया वो रोंगटे खड़े करता है.
जन्मदिवस (18 नवंबर 1910) पर विशेष भारत के एक क्रांतिकारी ने अंग्रेजों के साथ जंग की. भगत सिंह के साथ
Read moreप्रहलाद सबनानी : राम-कृष्ण के देश में एकात्म दर्शन पर आधारित सर्वसमावेशी सनातन संस्कृति ही भारत का मूल तत्व
भारत ने अन्य देशों में हिंदू धर्म को स्थापित करने अथवा उनकी जमीन हड़पने के उद्देश्य से कभी भी किसी
Read moreऋषभ भरावा : दृश्यम-2.. दिमाग में भूकंप आ जाएगा
2015 में आई दृश्यम (हिंदी) फिल्म माउथ पब्लिसिटी से काफी चली थी।उस फिल्म को देखने के बाद कई घंटों तक
Read moreके. विक्रम राव : दहशतगर्दी पर होगा अब जोरदार प्रहार !
पाकिस्तान और अफगानिस्तान को आज (18 नवंबर 2022) दिल्ली में प्रारंभ हुये “आतंक को वित्त-पोषण नहीं” पर वैश्विक सम्मेलन में
Read moreप्रवीण कुमार मकवाणा : विकास दिव्यकीर्ति ने जो कहा, वह तो पुस्तकों में लिखा हुआ है, फिर असंगत क्या है ?
वाल्मीकि रामायण एवं भवभूति प्रणीत उत्तरामचरितम् के चयनित प्रसङ्गों पर विकास दिव्यकीर्ति द्वारा की गयी टिप्पणियों को लेकर दो पक्ष
Read moreप्रहलाद सबनानी : आर्थिक विकास की दृष्टि से एक दशक ही नहीं बल्कि अगली पूरी सदी ही भारत की होगी..
अभी हाल ही में अमेरिका के निवेश के सम्बंध में सलाह देने वाले एक प्रतिष्ठित संस्थान मोर्गन स्टैनली ने अपने
Read moreदेवेंद्र सिकरवार : आश्चर्य है हमारे पास..संसार का सबसे आकर्षक love Icon…
आश्चर्य है कि हमारे पास संसार का सबसे आकर्षक love Icon है लेकिन हम उसकी ब्रैंडिंग नहीं कर सके। हमारे
Read moreसुरेंद्र किशोर : राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर..
पटना के अखबारों में बड़े पदों पर रहे शम्भू नाथ झा ने लिखा है कि ‘‘मुझे पत्रकारिता से इतना प्रेम
Read moreछ.ग. के मनेंद्रगढ़ नगर में 20 नवम्बर को ठा. पूरन सिंह स्मृति “सूत्र सम्मान”
कोरबा 16 नवम्बर। सूत्र सम्मान के 25वें वर्ष में जगदलपुर की साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था “सूत्र” द्वारा दिया जाने वाला प्रतिष्ठित “ठाकुर
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