समर प्रताप : अजित डोभाल होने के मायने
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का 10 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2.0’ में दिया गया संबोधन सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।
उनके भाषण की प्रमुख बातें जो चर्चा में हैं
इतिहास का ‘बदला’ लेना: डोभाल ने कहा कि भारत का इतिहास अपमान, बेबसी और बाहरी आक्रमणों के संघर्ष से भरा रहा है। उन्होंने युवाओं से कहा, “हमें अपने इतिहास का बदला लेना होगा” और देश को उस स्थान पर वापस ले जाना होगा जहाँ यह फिर से महान बन सके।
हमने कभी मंदिर नहीं तोड़े: उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत की प्राचीन सभ्यता अत्यंत उन्नत और शांतिपूर्ण थी। भारत ने दुनिया के पिछड़ा होने के बावजूद कभी किसी पर आक्रमण नहीं किया, न ही किसी के मंदिर तोड़े और न ही कभी लूटपाट की।
सुरक्षा के प्रति उदासीनता एक सबक: उन्होंने चेतावनी दी कि हमारी सबसे बड़ी गलती अपने सुरक्षा खतरों को न समझना और उनके प्रति उदासीन रहना थी। उन्होंने कहा कि अगर आने वाली पीढ़ियां इतिहास के इस सबक को भूल जाती हैं, तो यह देश की सबसे बड़ी त्रासदी होगी।
निर्णय लेने की क्षमता और अनुशासन: उन्होंने युवाओं को सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि केवल सपने देखने से जीवन नहीं बनता, बल्कि उन सपनों को पूरा करने के लिए सही समय पर कड़े निर्णय लेने की क्षमता विकसित करनी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि “मोटिवेशन अस्थायी है, लेकिन अनुशासन स्थायी है।”
स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं: कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह भी साझा किया कि वह मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करते क्योंकि वह इसे असुरक्षित मानते हैं।
युद्ध और मनोबल: उन्होंने कहा कि युद्ध केवल हथियारों से नहीं बल्कि राष्ट्रीय इच्छाशक्ति और हौसले से जीते जाते हैं। युद्ध का असली उद्देश्य शत्रु के मनोबल को तोड़ना होता है।
अजीत डोभाल के इस संबोधन को युवाओं के लिए एक बेहद प्रेरणादायक और भावनात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
ये मैंने सर्च करके कॉपी किया है लेकिन इसमे ऐसा क्या है जो गलत लगा लोगो को ??
शोशल मीडिया ने बंदरो के हाथ मे उस्तरा पकड़ा दिया है।
मेरे से भी गलती होती है लेकिन मैं उस पर पता चलते ही माफी के लिये तैयार रहता हूं या हटा देता हूँ।
लेकिन लोगो को यँहा झूठी क्रांति करनी है।इसका बेटा विदेश है ??
अरे भई आपका भेज दो। आप भेजकर देश की बात कर लो,उसके लिये भी तो गुदा चाहिए।


