अतिथि संपादक
सुरेंद्र किशोर : गाय,गंगा और गीता.. यहां है जीत के सर्वाधिक अवसर…गाय का मतलब है-देसी गाय…
सोेनपुर मेले में एक फ्रांसीसी पर्यटक से एक भारतीय टी.वी.संवाददाता ने पूछा, ‘‘यहां आपको वह कौन सी पसंदीदा चीज लगी
Read moreके. विक्रम राव : जजों की नियुक्ति ? अपनों ही द्वारा होना बेढंगा हैं !
एक वैधानिक संयोग हुआ। बड़ा विलक्षण भी ! दिल्ली में कल (शुक्रवार, 25 नवंबर 2022) भारतीय संविधान की 73वीं सालगिरह
Read moreसुरेंद्र किशोर : जिस देश में ऐसे -ऐसे नेता सत्ता में , उस देश में लोकतंत्र का भविष्य कैसा ?
ममता बनर्जी ने बंगलादेशी घुसपैठिया समर्थक वाम मोरचा सरकार का विरोध करके पश्चिम बंगाल में सन 2011 में सत्ता में
Read moreशिवेश प्रताप : ‘साफ्ट स्टेट’ की पहचान को छोड़कर एक मजबूत एवं स्पष्ट हितों वाले देश के रूप में उभरते भारत की तस्वीर
भारत राष्ट्र की बीते 75 वर्षों की यात्रा का सिंहावलोकन करें तो हम पाते हैं कि यह यात्रा आसान नहीं
Read moreप्रहलाद सबनानी : 5 लाख करोड़ डालर की भारतीय अर्थव्यवस्था ग्रामीण विकास के सहारे..विश्व स्तरीय संस्थाओं ने की प्रशंसा
आज विश्व के लगभग सभी विकसित एवं विकासशील देश आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। इन समस्त अर्थव्यवस्थाओं के बीच
Read moreसुरेंद्र किशोर : यदि 2024 में केंद्र में सरकार बदल गई तो नई सरकार के लिए कितना आसान होगा बड़े- बड़े नेताओं के मुकदमों को वापस लेना ?..एक काल्पनिक सवाल !
सन 2024 के लोक सभा चुनाव के नतीजे की कल्पना कीजिए। यदि उस चुनाव में भाजपा हार गई और नरेंद्र
Read moreप्रहलाद सबनानी : राम-कृष्ण के देश में एकात्म दर्शन पर आधारित सर्वसमावेशी सनातन संस्कृति ही भारत का मूल तत्व
भारत ने अन्य देशों में हिंदू धर्म को स्थापित करने अथवा उनकी जमीन हड़पने के उद्देश्य से कभी भी किसी
Read moreके. विक्रम राव : दहशतगर्दी पर होगा अब जोरदार प्रहार !
पाकिस्तान और अफगानिस्तान को आज (18 नवंबर 2022) दिल्ली में प्रारंभ हुये “आतंक को वित्त-पोषण नहीं” पर वैश्विक सम्मेलन में
Read moreप्रवीण कुमार मकवाणा : विकास दिव्यकीर्ति ने जो कहा, वह तो पुस्तकों में लिखा हुआ है, फिर असंगत क्या है ?
वाल्मीकि रामायण एवं भवभूति प्रणीत उत्तरामचरितम् के चयनित प्रसङ्गों पर विकास दिव्यकीर्ति द्वारा की गयी टिप्पणियों को लेकर दो पक्ष
Read moreप्रहलाद सबनानी : आर्थिक विकास की दृष्टि से एक दशक ही नहीं बल्कि अगली पूरी सदी ही भारत की होगी..
अभी हाल ही में अमेरिका के निवेश के सम्बंध में सलाह देने वाले एक प्रतिष्ठित संस्थान मोर्गन स्टैनली ने अपने
Read moreसुरेंद्र किशोर : राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर..
पटना के अखबारों में बड़े पदों पर रहे शम्भू नाथ झा ने लिखा है कि ‘‘मुझे पत्रकारिता से इतना प्रेम
Read moreसुरेंद्र किशोर : पद्मश्री मिला हो तो उसे अपने नाम के साथ मत जोड़िए
तेलुगु फिल्मी हस्तियों के प्रकरण सामने आने के बावजूद देश में अनेक लोग अपने नाम के आगे या पीछे पद्मश्री
Read moreसुरेंद्र किशोर : अनुच्छेद-142 का बेहतर इस्तेमाल करे सुप्रीम कोर्ट.. 10 करोड़ ₹ घोटाले में फांसी की सजा का आदेश…
राजीव गांधी के हत्यारों की सजा घटाने के लिए संविधान के जिस अनुच्छेद का अदालत ने सहारा लिया है,उसी अनुच्छेद
Read moreप्रहलाद सबनानी : भारतीय संस्कृति के वाहक जनजाति समाज का राष्ट्रविकास में आर्थिक योगदान
भारत भूमि का एक बड़ा हिस्सा वनों एवं जंगलों से आच्छादित है। भारतीय नागरिकों को प्रकृति का यह एक अनोखा
Read moreअमित सिंघल NRI : विश्व में यह फैक्ट्री मात्र ताइवान में..अब भारत में…
50 वर्ष पूर्व सेमीकंडक्टर चिप (कंप्यूटर, सेल फ़ोन, फ़्लैश ड्राइव इत्यादि में लगने वाली चिप) बनाने के लिए सिलिकॉन वेफर
Read moreकृष्णकांत पाठक IAS : मांसाहार..इतिहास की विडम्बना परक व्याख्या
आज किसी समाचार पत्र में खबर थी कि पश्चिम के देश धीरे-धीरे शाकाहार की ओर अग्रसर हो रहे हैं और
Read moreप्रहलाद सबनानी : युगदृष्टा-राष्ट्रऋषि दत्तोपंत ठेंगड़ी के जन्मदिवस)पर विशेष लेख “आर्थिक क्षेत्र में भी राष्ट्रीयता का भाव होना आवश्यक”
श्री दत्तोपंत जी ठेंगड़ी का जन्म 10 नवम्बर, 1920 को, दीपावली के दिन, महाराष्ट्र के वर्धा जिले के आर्वी नामक
Read moreसुरेंद्र किशोर : 404 सीटें मिलीं वोट 49% ..303 सीटें वोट 37%
कांग्रेस को लोक सभा चुनाव में 1952 में 45 प्रतिशत वोट मिले। कांग्रेस को 1957 के लोक सभा चुनाव में
Read moreके. विक्रम राव : इतिहास और कितना झुठलाया जाएगा?
भारतीय स्वाधीनता संग्राम में गैर-कांग्रेसी समूहों तथा जमातों के भूले-बिसरे, वस्तुतः उपेक्षित प्रसंगों को नरेंद्र दामोदरदास मोदी उजागर कर रहे
Read moreअमित सिंघल : PM मोदी बोले सफलता के शिखर तक पहुँचने के लिए भी ये जरूरी है कि राष्ट्र अपने सांस्कृतिक उत्कर्ष को छुए..
ऋषियों ने कहा है- चंद्रशेखरम् आश्रये मम् किम् करिष्यति वै यमः? अर्थात्, महाकाल शिव की शरण में अरे मृत्यु भी
Read moreके. विक्रम राव : पुलिस__एक राष्ट्र–मगर किस्में दो !!
भारतीय पुलिस के दो वृत्तांतो पर यह व्याख्या है। एक को “कृति” कहेंगे, तो दूसरे को “करतूत।” लेकिन दोनों के
Read moreराकेश जॉन : बेशर्मों की महफ़िल में शालीनता का लिबास चाइनीज़ माल.. जो दो मिनट में फट जाता है…
ये पुराना लेख है, मैं इसे बार-बार रिपीट करता हूँ ताकि हर व्यक्ति को मालूम चल सके कि इन चरसी
Read moreप्रहलाद सबनानी : कई देशों की मुद्राओं की तुलना में मजबूत हो रहा भारतीय रुपया
विश्व के कई देशों में मुद्रा स्फीति को नियंत्रित करने के उद्देश्य से वहां के केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों
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