बख्शी ने tv शो में कहा कि उन्होंने 37 साल फौज में सेवा की है। वो बताना चाहते हैं कि सेना में अनुशासित लोगों के लिए ही जगह है। वहां अनुशासन ही सबसे ऊपर रहता है। शो में जनरल बख्शी ने कहा कि अगर फौज में कहा जाता है कि ऊंचाई पर दुश्मन की तोप को तबाह करना है, तो उसमें कोई सवाल-जवाब नहीं होता।


सेना में अग्निवीर भर्ती योजना के खिलाफ उपद्रव कर रहे छात्रों को सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल जीडी बख्शी ने सलाह दी है कि वे हिंसा और आगजनी करके खुद के पैरों पर कुल्हाड़ी न मारें। जनरल बख्शी ने एक टीवी चैनल के शो में युवाओं से कहा कि जो लोग ट्रेन और बसों को जला रहे हैं, उन्हें तो सेना में सेवा देने के बारे में सोचना तक नहीं चाहिए। लेफ्टिनेंट जनरल बख्शी ने कहा कि देशविरोधी ऐसी गतिविधियों में शामिल होकर युवा अपने पैरों पर कुल्हाड़ी न मारें। अगर इनपर पुलिस ने केस दर्ज किया, तो सेना में भले सेलेक्शन हो जाए, लेकिन जब पुलिस वेरिफिकेशन होगा, तो उन्हें नौकरी नहीं मिलेगी।

टीवी शो में बख्शी ने कहा कि उन्होंने 37 साल फौज में सेवा की है। वो बताना चाहते हैं कि सेना में अनुशासित लोगों के लिए ही जगह है। वहां अनुशासन ही सबसे ऊपर रहता है। शो में जनरल बख्शी ने कहा कि अगर फौज में कहा जाता है कि ऊंचाई पर दुश्मन की तोप को तबाह करना है, तो उसमें कोई सवाल-जवाब नहीं होता। वहां दंगाइयों की जरूरत नहीं है। उन्होंने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि आपको नौकरी की चिंता है, लेकिन अगर पुलिस की लिस्ट में नाम आ गया, तो सेना में जाने का सपना खलास हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि मैं बूढ़े सैनिक के तौर पर अपील करता हूं कि सकारात्मक तरीके से इस मुद्दे को सुलझाएं। अगर आगजनी करनी है और लोगों को मारना है, तो ये लोग गलत प्रोफेशन को देख रहे हैं। विरोध जताने का ये तरीका नहीं है। उन्होंने माना कि इस योजना को लेकर कई लोगों को चिंताएं हैं, लेकिन बकवास को कतई नहीं माना जा सकता।

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