अमित सिंघल : भारत इस लिस्ट में नहीं है..
राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया (Truth Social) पर 120 राष्ट्रों का डेटा शेयर किया है जिनके कम से कम 25% अप्रवासी नागरिको (परिवारों) को अमेरिका में सरकारी वेलफेयर सहायता मिल रही है।
इस लिस्ट में भूटान (81.4%), अफगानिस्तान (68.1%), बांग्लादेश (54.8%), स्वघोषित कूड़े का ट्रक (40.2%), नेपाल (34.8%), एवं चीन (32.9%) का नाम है।
भारत इस लिस्ट में नहीं है।

लेकिन आश्चर्य यह है कि इस पोस्ट के अनुसार जॉर्डन के 47.8%, कुवैत के 31.5%, सऊदी अरब के 25.7% नागरिक भी अमेरिका की सरकारी कल्याणकारी धनराशि प्राप्त कर रहे है।
लिखने को बहुत कुछ है, लेकिन मेरे लिए उचित नहीं होगा।
अपना निष्कर्ष स्वयं निकालिए।
पाकिस्तान का डॉन समाचारपत्र बतला रहा है कि पाकिस्तान का एक्सपोर्ट दिसंबर 2025 में 20.41 प्रतिशत गिरकर $2.3 बिलियन हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह $2.9 बिलियन था। यह मौजूदा वित्त वर्ष में लगातार पांचवां महीना है जब इसमें गिरावट आई है।
ट्रम्प द्वारा पाकिस्तान पर केवल 19% टैरिफ (तुलना के लिए, भारत पर 50% टैरिफ है) लगाने के बाद यह गिरावट क्यों?
ट्रम्प के 50% टैरिफ के बाद भी अमेरिका को भारतीय निर्यात में 23% वृद्धि हुई है। नवंबर में भारत के कुल निर्यात में 19% वृद्धि रजिस्टर की है।
ट्रम्प द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाने के बाद यह कैसे संभव हुआ है?
एक शब्द में उत्तर है – नेतृत्व।
मुन्ना भाई के शब्दों में, एक का नेतृत्व चमचमाती नई मर्सिडीज़ के समान है।
दूसरे का नेतृत्व स्वघोषित कूड़ा वाला ट्रक कर रहा है।
मुन्ना भाई ने ही अमेरिका में ऐसा कहा था (मुन्ना भाई कौन है, यह आप को स्वयं समझना होगा)।


