गोपाल मोदी : गौरवशाली आरंभ से गरिमामय, वैभवशाली समारोह तक.. दिमाग का इलाज करवाएं…

कोरबा में सर्व हिन्दू समाज की विगत दिनों गौरवशाली रैली निकलनी थी तैयारियां भी रैली की थी और प्रशासन भी रैली के लिए तैयार था लेकिन शाम होते होते ये रैली रेले में परिवर्तित हो गयी। हिंदुओ का रैला निकल पड़ा।

रैले में 50000 से ज्यादा लोग थे, लोग आ रहे थे-जा रहे थे। सारा माहौल भगवामय हो गया। अगर उस स्थिति में किसी ने कोरबा की सेटेलाइट तस्वीर देखी होती तो पुरा कोरबा सीतामढ़ी से लेकर कोसाबाड़ी चौक तक केसरिया दिखता। गली,मोहल्लों में भी यही स्थिति थी।

आज से मात्र 6-7 वर्ष पहले लोगो को समझाना में पसीना निकल जाता था कि हमारा Happy New Year 1 जनवरी नही चैत्र प्रतिपदा है। इस दिन बहुत कम उत्साह रहता था। सीमित संख्या में लोग एक दूसरे को नव वर्ष की बधाई चैत्र एकम को देते थे लेकिन 2 अप्रैल का माहौल देखके सीना 56 नही 112 इंच का हो गया…

आज मैं तुलना करूँ कि अंग्रेज़ी न्यू ईयर मनाने कितने लोग निकले होंगे मेरे शहर में…10 होटल्स आयोजन करती है न्यू ईयर का 200 लोग प्रति होटल माने तो भी कुल 2000 लोग हैप्पी न्यू ईयर मनाने घर से निकलते है लेकिन हिंदू नव वर्ष मनाने इस छोटे से शहर में 50,00 से ज्यादा लोग इतनी तेज धूप में निकल पड़े। रात 12 बजे तक लोगों का आनाजाना बना रहा।

इसके बाद आई रामनवमी.. जिसे पारंपरिक गरिमामय, वैभवशाली समारोह के साथ मनाया गया। गायत्री मंदिर से आरंभ हुई यह यात्रा लगभग 5-6 घंटे में सप्तदेव मंदिर तक पहुंची।

हृदय प्रफुल्लित है, मन गदगद हो गया है,मस्तक गर्व से ऊंचा है।  ये परिवर्तन आया है पिछले 8 सालों में…अभी भी किसी को लगता है EVM हैक होती है तो अपने दिमाग का इलाज करवाये।

 

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