कल समर्थकों द्वारा पक्ष रखा गया कि नूपुर शर्मा का निलंबन अस्थाई है ।
और भविष्य में वो दुबारा वापसी करेंगी और किसी अच्छी पोस्ट पर पहुंचेंगी।

इसी विषय पर दया शंकर सिंह का उदाहरण भी दिया गया जिन्हे मायावती के ऊपर गलत टिप्पणी करने के कारण बाहर कर दिया गया था ।
इस बार टिकट भी मिला , जीते भी और मंत्री भी बने ।

देखिए इस में तो कोई शक नहीं है कि आज नूपुर शर्मा एक राष्ट्रीय चेहरा बन गई है ।
इस में भी मुझे कोई संदेह नहीं है कि भाजपा आने वाले लोकसभा चुनावों में या आने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों में नूपुर का प्रयोग करेगी ।
मैं तो कहता हूं कि अगर वो दिल्ली से हैं और छात्र राजनीति से आई हैं तो उन्हें भविष्य में दिल्ली में केजरीवाल के विकल्प के रूप में प्रस्तुत करना चाहिए ।
कपिल मिश्र या नूपुर शर्मा जैसे हिंदूवादी चेहरे ही केजरीवाल की तुष्टिकरण राजनीति को चुनौती दे सकते हैं ।
वरना मनोज तिवारी जैसे पिलपिले नेता ही आगे रहे तो चाहे हम कितना भी फेसबुक पर केजरीवाल को गरिया ले , अगली बार भी वही आएगा ।
क्योंकि जनता चेहरा मांगती है ।
और अगर विधानसभा नही तो दिल्ली की किसी लोकसभा सीट से नूपुर सांसद तो आसानी से बन ही जायेगी और उन्हें बनना भी चाहिए।

साभार : गोविंद अग्रवाल

Leave a Reply

Your email address will not be published.