” भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपाननीत सरकार ने शानदार ऐतिहासिक 8 वर्ष पूरे किए हैं।  इन 8 वर्षों की यात्रा को सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण का वर्ष कहा जा सकता है।” गुरुवार को कोरबा प्रवास पर पहुंचे बिलासपुर सांसद अरूण साव ने पत्रकार वार्ता में बोले।

मोदी सरकार के 8 साल पूरे होने पर उपलब्धियों को सामने रखते हुए आगे उन्होंने कहा कि आज देश का नेतृत्व मजबूत हाथों में है। विदेशी ताकतों ने भारतीयों का साल दर साल जो आत्म विश्वास, आत्मसम्मान कुचल दिया था, उसकी भरपाई का एक ही उपाय था फिर से एक बार भारत की जन जन में आत्मविश्वास भरना, आत्मगौरव भरना, और उसके लिए सरकार के प्रति भरोसा बनना बहुत जरूरी था और बड़े व कड़े निर्णय लेने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह संभव हो पाया।

गरीब कल्याण की योजनाओं को लेकर मोदी सरकार की उपलब्धियों को लेकर उन्होंने कहा – ” किसी बड़े अस्पताल में पहले निर्धन बीमार के घरवाले घुसने की हिम्मत नहीं करते थे..गिड़गिड़ाते थे। आज हाथ में आयुष्मान कार्ड लिए जब एक निर्धन आत्मविश्वास के साथ बड़े अस्पताल में घुसता है तो इसी बिंदू पर मोदी सरकार के आठ साल के शासन के विकास का चर्मोत्कर्ष सामने आ जाता है। देश के 80 करोड़ से अधिक नागरिकों को वैश्विक कोरोना संकट के दौरान अनवरत खाद्यान्न आपूर्ति से बड़ा गरीब कल्याण और क्या हो सकता है? मोदी जी ने सभी गरीबों के सर के छत की चिंता की, शुद्ध नल जल उपलब्ध कराने से लेकर उन्हें आयुष्मान भारत के तहत मुफ्त चिकित्सा से लेकर तमाम कल्याणकारी योजनाओं से उन्हें जोड़ा। पिछले 8 वर्षों में देश की गरीबी 22% से घट कर 10% से नीचे आ गई है। कोरोना संकट के बावजूद अत्यंत गरीबी की दर भी 1% से कम 0.8% पर स्थिर बनी हुई है।”

किसानों के लिए ऐसा पहली बार

भारत विदेशों से यूरिया मंगाता है उसमें यूरिया का 50 किलो का एक बैग 3500 रुपए का पड़ता है।  गांव में किसान को वही यूरिया का बैग केवल 300 रुपए में दिया जाता है। यानि यूरिया के एक बैग पर 3200 रुपए का बोझ सरकार वहन कर रही है।

किसानों पर मोदी सरकार के विशेष फोकस देने के विषय में उन्होंने कहा – ” पहले की सरकार DAP (पोटाश और फॉस्फेट) के 50 किलो के बैग पर मात्र 500 रुपए का भार वहन करती थी, इसके विपरीत मोदी  सरकार 50 किलो DAP के बैग पर 2500 रुपए वहन कर रही है। यानि प्रति बैग DAP पर 5 गुणा भार केंद्र सरकार ने अपने ऊपर लिया है। किसान को दिक्कत ना हो इसके लिए पिछले साल 1 लाख 60 हज़ार करोड़ रुपए की फर्टिलाइजर सब्सिडी भी केंद्र सरकार ने जारी की है। किसानों को मिलने वाली ये राहत इस साल लगभग 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा होने वाली है। ”

बदलाव की कहानी, प्रगति की निशानी

पहले योजनायें कागज़ पर ही बनती थी, कागज़ पर ही लागू होती थी और कागज़ पर ही पूरी हो जाती थी। आज जनता यह देख रही है कि जिस योजना का शिलान्यास होता है, वह योजना उसी कार्यकाल में पूरी भी होती है। बीते 8 वर्ष कागज़ से क्रियान्वयन और अमलीकरण की यात्रा के रहे हैं। मोदी सरकार की हर योजना अंतिम लाभार्थी तक पहुँचने के परिणामों को लेकर उन्होंने कहा -” 8 वर्षों में देश की प्रति व्यक्ति आय दोगुनी हुई है। 2014 में 79 हजार रुपये सालाना, अब डेढ़ लाख रुपये हो गया है। विदेशी मुद्रा भंडार भी लगभग दोगुना हुआ है। 2014 में 300 अरब डॉलर, अब लगभग 600 अरब डॉलर आजादी के 70 साल में देश में केवल 6.37 लाख प्राइमरी स्कूल बने जबकि मोदी सरकार के केवल 8 वर्षों में 6.53 लाख प्राइमरी स्कूल बने। विगत 8 वर्षों में देश में 15 नए एम्स का निर्माण हुआ जबकि आजादी से 2014 तक देश में केवल 7 एम्स थे, उसमें से भी 6 श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार में बने। डॉक्टरों की संख्या भी पिछले 8 साल में 12 लाख से ज्यादा बढ़ी है। 8 साल में लगभग 170 नए मेडिकल कॉलेज बने।

आगे श्री साव ने कहा – “8 साल में भारत का सड़क नेटवर्क दुनिया में दूसरे स्थान पर पहुँच गया। पिछले 8 साल में मोदी जी की सरकार ने लगभग तीन लाख 25 हजार किमी सड़क निर्माण को मंजूरी दी है। सौर और पवन ऊर्जा में भारत की क्षमता बीते पांच सालों में दोगुनी हुई।2012-13 में देश में खाद्यान्न का उत्पादन 255 मिलियन टन था जो 2021-22 में बढ़कर 316.06 मिलियन टन हो गया है। यह आजादी के बाद अब तक का रिकॉर्ड उत्पादन है।

कोविड के कारण उत्पन्न मंदी के बावजूद पिछले वित्त वर्ष में 418 अरब डॉलर का रिकॉर्ड निर्यात हुआ है। वित्तीय वर्ष 2021-22 के दस महीने में भारत के कृषि निर्यात में 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 2009 से 2014 (मनमोहन सरकार) के पांच सालों में कृषि बजट में 8.5% की वृद्धि हुई थी, वहीं 2014 से 2019 के बीच कृषि बजट में 38.8% की वृद्धि हुई। 2009-10 में मनमोहन सरकार में जो कृषि बजट था, अब वह 10 गुना बढ़ गया है।

पहली बार किसी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था और जीडीपी को आम जनता से जोड़ा।

आगे उन्होंने कहा – “राजीव गांधी ने कहा था, दिल्ली से निकला एक रुपया ज़मीन पर मात्र 10 पैसा बन कर पहुंचता है, अब डीबीटी के तहत शत-प्रतिशत पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में जाना संभव हुआ है। जीरो लीकेज। 8 वर्षों में लाभार्थियों को अब तक श्री नरेन्द्र मोदी सरकार ने 225 ख़रब रुपये ट्रांसफर किये हैं जो गरीबों के सशक्तिकरण का एक प्रमुख टूल बन कर उभरा है। JAM (जन-धन, आधार और मोबाईल) ने लाभार्थियों तक शत-प्रतिशत सरकारी सहायता का पहुंचना सुनिश्चित किया है। पहली बार किसी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था और जीडीपी को आम जनता से जोड़ा।

इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए अन्य योजनाओं उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत अभियान, जल जीवन मिशन, गरीब कल्याण अन्न योजना, किसान सम्मान निधि, आयुष्मान भारत और सौभाग्य योजना को लेकर कहा कि इन योजनाओं के कारण देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत हुई और मंदी के बावजूद देश की विकास दर दुनिया में सर्वाधिक बनी रही।

पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक लखनलाल देवांगन, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह, पूर्व महापौर जोगेश लांबा, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक चावलानी, गोपाल मोदी, विकास महतोज्योतिनंद दुबे, पवन सिंहा, मनोज मिश्रा, न्याज आरबी, उमाभारती सर्राफ, वैशाली रत्न पारखी, सुश्री ऋतु चौरसिया, श्रीमती संजू राजपूत, प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

 

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