वनांचल के विकास कार्यों पर कलेक्टर कुणाल दुदावत की पैनी नजर, गुणवत्ता और समय-सीमा पर सख्त निर्देश
कोरबा, 05 अगस्त। जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र पोड़ी-उपरोड़ा में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति पर नजर रखने के लिए कलेक्टर कुणाल दुदावत स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य और खाद्य विभाग से जुड़ी निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण करते हुए स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी परियोजनाएं तय समय-सीमा के भीतर पूरी की जाएं।
दौरे के दौरान कलेक्टर ने निर्माणाधीन एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का विस्तृत निरीक्षण किया। विद्यालय भवन, छात्रावास, किचन, डाइनिंग हॉल और अन्य प्रस्तावित सुविधाओं की प्रगति का जायजा लेते हुए उन्होंने साइट लेवलिंग, बाउंड्री वॉल और लाइन शिफ्टिंग जैसे लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने तथा अतिरिक्त श्रमिक लगाकर निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
इसके बाद उन्होंने लमना में निर्माणाधीन हायर सेकेंडरी एवं माध्यमिक शाला भवन का निरीक्षण किया। अधूरे कार्य शीघ्र पूरा करने के साथ पुराने भवन की लीकेज और सीपेज की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्रयोगशाला और पुस्तकालय भवन के निर्माण के लिए आवश्यक प्रस्ताव जल्द भेजने को कहा।
समेलीभांठा के प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र में कलेक्टर ने बच्चों की उपस्थिति, भवन की स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने भवन की मरम्मत, रंग-रोगन, टाइल्स सहित अन्य आवश्यक कार्यों का प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
निरीक्षण के क्रम में तानाखार के निर्माणाधीन पीडीएस भवन, पोड़ी-उपरोड़ा के चिकित्सक आवास तथा कोनकोना के ट्रेनिंग सेंटर का भी जायजा लिया। संबंधित एजेंसियों को गुणवत्ता बनाए रखते हुए कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए कहा गया।
मांझीपारा आंगनबाड़ी केंद्र में कलेक्टर ने बच्चों की उपस्थिति, ग्रोथ चार्ट, पोषण व्यवस्था और गर्भवती महिलाओं को वितरित किए जा रहे रेडी-टू-ईट आहार की जानकारी ली। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों की आयु के अनुरूप शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ाने और केंद्रों की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
दौरे के अंत में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने दोहराया कि जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी और गुणवत्ता या समय-सीमा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


