मोदी वाराणसी चुनाव के प्रथम 7 राउंड में पीछे क्यों थे.. विपक्ष का बारूद..?

क्या आपको कभी शक नहीं होता कि दुनिया के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री मोदी , अपने लोकसभा क्षेत्र वाराणसी के चुनाव में वोट काउंटिंग में पहले 7 राउंड में पीछे क्यों थे..??
जबकि दुनिया जानती है कि अगर मात्र मंत्री बनने की भी उम्मीद हो तो जनता उसे वोट दे देती है की चलो मंत्री बनेगा तो कुछ काम तो होगा।
यहां तो बात सिटिंग PM की थी।
सब जानते हैं कि कम से कम बनारस की जनता तो मोदी को छोड़ के अजय राय जैसे व्यक्ति को नहीं चुनेगी।
फिर भी काउंटिंग में अजय राय ने 7 राउंड जीते
कैसे..???
अवैध घुसपैठिये और अवैध वोटर…
इस कॉम्बिनेशन का यहीं से सरकार को पता चला
और जब अंडरग्राउंड जाँच हुई तो एक ऐसे नेक्सस का पता चला जिसमें बनारस तो केवल एक टिप ऑफ आइसबर्ग था।
देश का हर शहर और भाजपा के हर बड़े नेता की सीट इसकी जद में आ चुकी थी।
और सीमावर्ती राज्यो में तो सच्चाई डराने वाली थी।
इसी के बाद पूरे मन्थन और प्लानिंग के साथ समूचे देश मे SIR की योजना बनी।
जिसकी शुरुआत बिहार से हुई।
अब ये बंगाल , झारखंड से होते हुए लोकसभा चुनाव से पहले तक समूचे देश मे कम्प्लीट कर ली जाएगी।
और हाँ , जो लोग कहते हैं कि बंगाल में ममता होने नहीं देगी वो जान लें कि आपकी शंका का समाधान SIR के तरीके में ही है ,
चाहता तो ये काम गृहमंत्रालय भी करवा सकता था फिर EC को ये काम क्यों दिया गया..??
सोचिए! जवाब मिल जाएगा….
ममता क्या समूचे विपक्ष की औकात नहीं है EC को रोकने की और न ही सुप्रीम कोर्ट की…..
और हाँ कहीं भी समस्या हो तो EC सरकार को आदेश दे सकता है वहाँ सेना या पैरा मिल्ट्री डिप्लॉय करने का।
और रही बात विपक्ष की तो…..
कोई अपने मुँह से न कहे , पर जानते सब हैं कि देश में घुसपैठिये कौन हैं , कहाँ से आते हैं , और कौन उनकी कागज व वोट बनाने में मदद करता है।
तो विपक्ष चाहे सड़क पर आ कर अपने घाघरे ही क्यों न फाड़ ले , सरकार और जनता पर इसका कोई असर नही होगा।
वैसे भी अब कांग्रेस तो खुल कर आ ही गयी है घुसपैठियों , बांग्लादेशी और रोहिंग्या के समर्थन में…
उसके नेता कहने भी लगे हैं कि ये गरीब लोग हैं , अब कहा जाएंगे , इनको यहीं रहने दो आदि आदि….
विपक्ष अपने वोट के लिए देश में बारूद बिछा रहा है…
अब सोचना आपको है , क्योंकि घुसपैठिये अपना वोट तो विपक्ष को देंगे मगर बदले में जो लेंगे इस देश से , वो केवल आपकी जेब से निकलेगा।
क्योंकि देश नेताओं का नहीं , जनता का होता है।
-साभार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *