कौशल सिखौला : मोदी क्या लेकर आए..! हम तटस्थ नहीं हैं ..अच्छा लगा या बुरा? अपने प्रधानमंत्री की यात्रा को नकारते क्यूं हैं?
हम तटस्थ नहीं हैं शांतिप्रिय हैं !
अब भारत का समय आ गया है !
आजाद भारत में जन्मा पहला प्रधानमंत्री हूं , सोच भी नई होगी पुरानी नहीं !
जब जमाना नया है तो भारत भी नया ही होगा !
ये कुछ नई बातें हैं जो प्रधानमंत्री ने हाल की अमेरिका यात्रा में कही !

याद है न , कुछ समय पूर्व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जो बाइडन जितनी बार भी मोदी से मिले तो कभी उनकी पीठ थपथपाकर अपने पास बैठाया तो कभी गले लगाया !
अमेरिका में मोदी से जैसा व्यवहार इस बार हो रहा है , वह अभूतपूर्व है !
बात यूएनओ के मंचों की हो या व्हाइट हाउस की , एनआरआई द्वारा किए गए स्वागत समारोहों की या अमेरिकी संसद की ; सब लाजवाब है !
भाई अब मेरे देश का जलवा है तो फिर है !
इब्दता ए इश्क में रोता है क्या
आगे आगे देखिए होता है क्या
एक बात समझ नहीं आई । पिछले कईं वर्षों से ऐसा ही हो रहा है । नरेंद्र मोदी जब भी यूएनओ या विदेश यात्राओं पर जाते हैं , एक राजनीतिक दल परेशान हो जाता है । मोदी अमेरिका में हैं तो सोशल मीडिया पर पूर्व प्रधान मंत्रियों ; यथा पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी , राजीव गांधी और मनमोहन सिंह के ब्लैक एंड व्हाइट फोटो डालकर बता रहे हैं कि यूएनओ और वाशिंगटन तो वे भी गए थे ।
जी हां गए थे , हम खुश भी बहुत हुए थे , गर्व की अनुभूति तब भी हुई थी । तो अब मोदी की यात्रा से आप क्यों जले जा रहे हैं ? क्या पुराने फोटो डालने से आपके कलेजे ठंडे हो जाते हैं ? अपने प्रधानमंत्री की यात्रा को नकारते क्यूं हैं ? आप देश के मित्र हैं या फिर चीन और पाकिस्तान की तरह आपके कलेजे पर भी साँप लोट रहे हैं ?
कोई नहीं कहता और कहना भी नहीं चाहिए कि देश को इन नौ सालों में ही सम्मान मिला । नेहरू जी को सदियों से लूटा जा रहा एक उजाड़ देश मिला था,उनके काल में एक तीसरी शक्ति के रूप में निर्गुट देशों का अस्तित्व सामने आया । बाद में इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश बनाकर तथा पोखकरण परमाणु विस्फोट कर आधुनिक भारत को गति प्रदान की ।
राजीव गांधी और पीवी नरसिंह राव को नई हवा लाने तथा संचार एवम कंप्यूटर क्रांति लाने का श्रेय जाता है । मनमोहन सिंह ने आर्थिक मंदी के विश्वव्यापी दौर से भारत को निकाला और नई आर्थिक नीतियों के माध्यम से भारत को ताकतवर बनाया । वही काम कोरोना काल से मोदी सरकार करती आ रही है। अटल जी ने फिर से परमाणु विस्फोट किया , सड़कों की योजनाएं शुरू की।
हम मानते हैं कि कांग्रेस ने बहुत कुछ किया। हालांकि कश्मीर का नाश भी किया , जाति धर्म के मसले पैदा किए , आतंकवाद की फसल उगने दी , यूएनओ में वीटो का अधिकार गंवाया , 370 लगाकर अलगाव के बीज भी बोए । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन पापों को धोना भी पड़ रहा है और नए भारत को खड़ा भी करना पड रहा है , विदेशों में साख भी बनानी पड़ रही है । अमेरिका में भारत की साख बढ़ रही है तो खुश होने का वक्त है । जिन्हें ताउम्र कोप भवन में रहना है , वे बेशक रुदाली गाएं ।
_____________________
उपलब्धियों को नकारना अच्छी बात नहीं
हम नेहरू इंदिरा की उपलब्धियों को भी सराहते हैं और वर्तमान में मोदी की भी
अमेरिका यात्रा के बाद पूछा जा रहा है कि मोदी क्या क्या लेकर आए ?
हम कहते हैं दोनों देशों के बीच बढ़ते प्रेम का कोई मोल नहीं है क्या ?
प्रेम तो सबसे बड़ा खजाना है !
खैर ! जिन्हें कुछ और ही जानना है वे यह सूची देख लें
आप हों न हों
हम तो गौरवान्वित महसूस कर रहे है
एक संक्षिप्त सूची :-
१- गूगल ने 125 लाख करोड़ और अमेजन ने 90 हजार करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट करने का वादा किया है.!
२- एलन मस्क की कंपनी टेस्ला भारत में ही इलेक्ट्रिक कार बनाएगी.!
३- एमिक्रोन कंपनी भारत के साथ मिलकर सेमी कंडक्टर चिप बनाएगी.!
४- जेनरल इलेक्ट्रॉनिक कंपनी भारत में ही HAL के साथ मिलकर विमान इंजन GE414 बनाएगी।अभी तक केवल चार ही देश विमान इंजन बनाते हैं.!
५- हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन पर लगाम लगाने में सहायता मिलेगी.!
६- भारत अमेरिका से 31 mq9 Reaper ड्रोन विमान खरीदेगा, इससे भारत को हिंद महासागर पर कंट्रोल करने में मदद मिलेगी। इससे पाकिस्तान में भय फैल गया है क्योंकि इसी रीपर ड्रोन विमान से अमेरिका ने काबुल में अयमान अल जवाहिरी को मार गिराया था.!
७- अमेरिका के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के भारत में कैंपस खोले जाएंगे जिससे भारत के छात्र सस्ते में उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।
अच्छा लगा या बुरा ?
