अतिथि संपादक
पुण्यतिथि पर-निष्काम कर्मयोगी पं.दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धा पूर्वक स्मरण करते हुए..राष्ट्र का सांस्कृतिक एकात्म – जयराम शुक्ल
जिन्होंने अंग्रेज शासकों, मुस्लिम लीग के नेताओं के साथ समझौते की मेज पर देश को अंग-भंग करने के निर्णय को
Read moreएक ऐसा हठी मंत्री जिसने बिडला को भी ठेंगे पर रखा…! -जयराम शुक्ल
आज के दौर में जब सरकारों पर उद्योगपतियों के पालने में झूलने के आरोप लगते हैं, मंत्रियों की क्या कहिये
Read moreसुना आपने ! हाय..हाय मोदी मर जा तू -जयराम शुक्ल
मेरी दादी अक्सर कहा करती थी- “जेखा जेतनिन गारी मिलति है ओखर उतनै उमिर बढ़ति है तूँ ओखर जवाब भर
Read moreकिसान आंदोलन : कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना..जयराम शुक्ल
किसान गुस्साए क्यों हैं..? अव्वल तो यह कि यह आंदोलन पंजाब-हरियाणा का है। इसमें वास्तविक किसानों का सरोकार कितना है
Read moreआधी दुनिया का पूरा हिस्सा.. साँच कहै ता… / जयराम शुक्ल
हम अतीतजीवी हैं। वर्तमान के हर बदलाव को विद्रूप बताते हुए उस पर नाहक ही लट्ठ लेकर पिल पड़ते हैं।
Read moreमेरे संपर्क में एक बार आने वाला नशा करना छोड़ देगा : डॉ. रविकांत सिंह राठौर
दुनिया की कोई समस्या जान से बड़ी नहीं होती… कोरबा के जिला चिकित्सालय में वर्ष 2014 से बतौर मेडिकल ऑफिसर
Read moreयह ताव आज के कवि-कोविदों में कहां..! कालजयी दिनकर / जयराम शुक्ल
रामधारी सिंह दिनकर नेहरू के करीबी माने जाते थे। प्रधानमंत्री रहते हुए पंड्डिजी ने ही उन्हें राष्ट्रकवि का खिताब बख्शा
Read moreआदमी को पहाड़ खाते देखा है..! ज्वलंत / जयराम शुक्ल
कहते हैं कि हमारा समाज धर्मभीरु है। उसकी रक्षा के लिए हम किसी पराकाष्ठा तक जा सकतें हैं। यदि ऐसा
Read more‘एक रुपये’ से समझिए औकात और हैसियत ! उलटबांसी / जयराम शुक्ल
हैसियत का मतलब औकात नहीं होता..जनाब। प्रशांत भूषण की हैसियत अरबों रुपयों की है पर औकात..? सिर्फ ..एक रुपये की।
Read moreशिक्षक दिवस पर पंडिज्जी कहिन… साँच कहै ता / जयराम शुक्ल
तीज त्योहारों की तरह हर साल शिक्षक दिवस भी आता है। पूजाआराधना में जैसे गोबर की पिंडी को गणेश मानकर
Read moreजादूगर नहीं, हाकी के वैज्ञानिक थे दद्दा… जन्म-जयंती/जयराम शुक्ल
“दद्दा ध्यानचंद क्या थे यह नई पीढ़ी को मालूम होना चाहिए। वे सचिन की तरह भगवान नहीं बल्कि बेहद मामूली
Read moreबदला तो काफी कुछ है..बशर्ते देखना चाहें तो.. समर्थ भारत/ जयराम शुक्ल
लालकिले की प्राचीर पर पंद्रह अगस्त को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार सातवीं बार तिरंगा ध्वज फहरा रहे थे तब
Read moreअटलजी : गठबंधन धर्म के प्रवर्तक – जयराम शुक्ल
“लोकतंत्र 51 बनाम 49 का खेल नहीं है । लोकतंत्र मूलतः परंपराओं, सहयोग और सहिष्णुता के आधार पर सत्ता में
Read moreराम, कृष्ण, मुक्ति संघर्ष और स्वतंत्रता … विमर्श/ जयराम शुक्ल
राम और कृष्ण में यही बुनियादी फर्क है। राम लक्ष्यधारी थे और कृष्ण चक्रधारी। चक्र के निशाने पर दसों दिशाएं
Read moreसंदर्भ-मूलनिवासी दिवस..9 अगस्त वनवासी संस्कृति में ही गड़ी है हमारी गर्भनाल ! विमर्श / जयराम शुक्ल
“रामायण कथा वनवासियों के पराक्रम और अतुल्य सामर्थ्य की कथा है, जिसमें उन्होंने राम के नेतृत्व में पूंजीवाद, आतंकवाद के
Read moreसह अस्तित्व और जीवन मूल्यों का मर्मस्पर्शी लोकपर्व : बहुला चौथ समाज-संस्कृति / जयराम शुक्ल
(जब आप औरो के लिए ईश्वर से, प्रकृति से या किसी से भी मांगते हैं तो आपको ज्यादा मिलता है।कैसे
Read moreसुषमा स्वराज जी को शत शत नमन् … सच सुनने का साहस और सलीका चाहिए! पुण्यस्मरण/जयराम शुक्ल
(सच्चाई की राह मनुष्य के सम्मान , प्रतिष्ठा और आत्म गौरव के लिए एक कवच के समान होती है। सत्य
Read moreधरती और अनंत व्योम में, राम बसे हैं रोम रोम में – जयराम शुक्ल
(हरि आकाश से अनंत..हरि कथा अनंत, श्रीराम से बढ़कर है राम नाम..बता रहेें हैं आदरणीय जयराम) 2077, भाद्रपद कृष्णपक्ष द्वितीया,
Read moreअब किस दुनिया में जिएं प्रेमचंद के झूरी काछी और हीरा-मोती..समाज/जयराम शुक्ल
(महान चरित्रों का पूजन करना और उनके आदर्शों का अनुकरण करना,उनके बताए गए नीतिगत मार्ग को follow करना 2 भिन्न
Read moreनई शिक्षा नीति बच्चों में व्यावहारिकता और कौशल बढ़ाने में कारगर : संतोष पांडे
(नई शिक्षा नीति को लेकर प्रस्तुत है शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके संतोष पांडे (graduated Chemistry
Read moreएक मुख्यमंत्री जिसके पास शेर पर सवारी गांठने का हुनर था ! प्रसंगवश / जयराम शुक्ल
(संदर्भ:डा.गोविंदनारायण सिंह जन्मशती) (रचनात्मक लेखन के साथ लोगों को जागरूक करना कौशल है।रचना कई बार कल्पना के आधार पर की
Read moreसियासत के बाजार में रद्दी के भाव वाले लोग -जयराम शुक्ल
(क्या पता कल न हो भोगना..आज कोरोना..कल पता नही किस बात का फिर हो जाए रोना…वर्तमान राजनीति पर चिंतक जयराम
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