परख सक्सेना : राहुल संघर्ष करो हम मोदी.. भारत रूस नहीं है भारत भारत है

मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपनी प्रेस मे एक शब्द प्रयोग किया है “कामरेड” बहुत लोगो को इसका मतलब ना पता हो।

1885 के रूस मे जाना होगा, रूस तब एक साम्राज्य था और सम्राट अलेक्सेन्डर की सत्ता थी। उन दिनों यूरोप मे कार्ल मार्क्स की कम्युनिस्ट थ्योरी चर्चा मे थी, जिसके अनुसार राजा को हटा दो और देश की दौलत आपस मे बांट लो। एक प्रकार से भीड़तंत्र और कुछ नहीं।

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सम्राट अलेक्सेंडर की हत्या करने का एक व्यक्ति प्रयास करता है, पुलिस उसे गिरफ्तार करती है और मृत्यु दंड मिलता है। इस अपराधी का एक भाई था व्लादिमीर लेनिन, लेनिन यहाँ से बागी बन जाता है और कुछ सालो मे भागकर स्विट्ज़रलैंड चला जाता है।

लेनिन स्विट्ज़रलैंड से ही अखबार लिखता है और रूस के मजदूरों तथा किसानों के लिए कॉमरेड शब्द प्रयोग करता है। वो उनसे क्रांति करने का आग्रह करता है।

दूसरी ओर 1894 मे सम्राट की मृत्यु हो जाती है, उनके बेटे निकोलस अगले सम्राट बनते है। राज्याभिषेक क्रेमलीन मे ही हुआ था और पहले दिन से पनौती लग गयी, भगदड़ हुई और कई लोग मारे गए। रूस की अर्थव्यवस्था उन दिनों नाजुक मोड़ पर थी और आबादी बहुत ज्यादा थी।

किसानों और मजदूरों की दुर्दशा ने कम्युनिस्ट क्रांति की जमीन तैयार कर दी, लेनिन के लेख पढ़े जाने लगे और जगह जगह हड़ताले होने लगी और अर्थव्यवस्था अब तेजी से पीछे भागने लगी। कुछ निर्णय खुद निकोलस के भी गलत हुए, जैसे जापान से व्यर्थ मे युद्ध किया और पराजित हुए।

जनता मे रोष और अविश्वास था, बेरोजगारी बढ़ रही थी जिस वजह से अपराध भी बढ़ गए। सम्राट के सलाहकार चापलूस थे, सम्राट और सम्राज्ञी एक तांत्रिक के जाल मे भी फंसे हुए थे और ये बाते लीक हो रही थी।

1905 मे मजदूरों, महिलाओ और किसानों के झुण्ड ने राजा के महल मे घुसने की कोशिश की और कई मारे गए। लेकिन 1917 मे दोबारा ज़ब ऐसा प्रयास हुआ तो राजा विफल हुए, विश्वयुद्ध मे पहले ही उलझें हुए थे, गरीबी का संकट था, जनता मे रोष था इसलिए कम्युनिस्टो को जमीन मिल गयी।

फरवरी 1917 मे राजा को हटा दिया गया, लेनिन वापस रूस लौटा। जनता ने अपनी एक प्रोविजनल सरकार बैठा दी अलेक्सेंडर करेंसकी उसका मुखिया था। सत्ता का भूखा तो लेनिन था, उसने कहा ज़ब सारा प्रोपोगंडा और नैरेटिव मेरा है तो सत्ता किसी और को क्यों मिले।

तब लेनिन ने अक्टूबर मे सन्देश दिया कि कामरेडस आगे आओ और इस सत्ता को उखाड़ फेको क्योंकि ये भी राजा की तरह निरंकुश है। 6 महीने मे बेचारा करेंसकी देश की सूरत कैसे बदल देता, जनता एक बार फिर भड़क गयी।

अक्टूबर क्रांति हुई और लेनिन ने सेंट पीटर्सबर्ग पर कब्जा कर लिया, लेकिन अब लेनिन ने अपना असली चेहरा दिखाया। उसने जेलों मे कैद अपराधियों को अपने साथ लिया, रूस मे गैंग्स बन गयी थी उन्हें अपनी ओर किया और कहा कि कॉमरेडस ये है।

राजा का परिवार महल मे बंदी था उन्हें साइबेरिया लाया गया और लेनिन के आदेश पर कॉमरेडस ने इन्हे बेरहमी से मार दिया। बेरहमी भी देखते चलिए, राजा का 10 साल का बच्चा गोलियों से मारा गया, राजा की चार बेटियां कामरेड्स ने बंदूक का बट घोप घोप कर मारी।

लेनिन ने कहा कॉमरेडस अब से रूस मे कोई राजा नहीं होगा, हम सब राज करेंगे और चूंकि हम सबका नेता मैं हूँ इसलिये अब तुम्हारा भाई राज करेगा। जाहिर है इसका भी विरोध होना था, किसान और मजदूर तो ठगा गए थे।

फिर शुरू हुआ रेड टेरर, लेनिन के विरोधियो को चुन चुनकर मारा गया। रेड टेरर पर अलग से विकिपीडिया पेज है और यूट्यूब पर तब के वीडियोज भी उपलब्ध है। 1918 से 22 तक ये नरसंहार चला 6 लाख लोग मारे गए। जो मार रहे थे वो थे कॉमरेडस।

कॉमरेडस ने रूस जलाया, लाखों लोग मारे, फिर ये तथाकथित कम्युनिस्ट क्रांति यूरोप मे पहुंची और सिकंदर का देश मेसेडोनिया जलाया, फिर रोमानिया फिर चीन और फिर कोरिया। अब मल्लिकार्जुन खड़गे बोल रहा है कॉमरेडस दिल्ली आओ।

आशा है आप समझ गए होंगे ये क्या करना चाहते है, आपकी किस्मत रूस से अच्छी है क्योंकि वहाँ लेनिन था यहाँ गधेड़ा है। लेनिन ने पहले प्रोपगंडा फैलाया फिर क्रूरता दिखाई, विपक्ष ने क्रूरता पहले ही प्रदर्शित कर दी और प्रोपगंडा फैलाने मे असफल रही।

सोचिये राहुल गाँधी की जगह कोई भेड़िया टाइप का इंसान होता तो कांग्रेस का नेतृत्व कितना भयावह होता। क्या आपको लगता है कि अमित शाह को इसे जेल मे डालना चाहिए? कभी नहीं, ये सिर्फ नियत का बुरा है इन्हें आता जाता कुछ नहीं है। समस्या होंगी ज़ब नियत से बुरा व्यक्ति सूझबुझ के साथ आ जायेगा।

इसलिए राहुल संघर्ष करो हम मोदीजी के साथ है। भारत मे किसानों का संगठन भारतीय किसान संघ है, मजदूरों का भारतीय मजदूर संघ और छात्रों का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और इन्ही सबका राजनीतिक चेहरा भारतीय जनता पार्टी है।

इसलिए कॉमरेडस यदि दिल्ली की सड़को पर आये तो या तो जेल जाएंगे या सीधे यमलोक। भारत रूस नहीं है भारत भारत है।

✍️परख सक्सेना✍️
https://t.me/aryabhumi

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