कौशल सिखौला : पुलिस इनकी भभूत झाड़ने की फिराक में..

देश में राष्ट्रवादी तो बेशुमार हैं , लेकिन राष्ट्रवादी मीडिया और राष्ट्रवादी यू ट्यूबर भी इसकदर भरे पड़े हैं , पहली बार पता चला । हम आभारी हैं काकरोचों के , आभारी हैं नेहा बोरा के , जेएनयू के डफलीबाजों के और शरजील इमाम , उमर खालिद , अब्दुल के भक्तों के । आखिर इनके भक्तों के तमाम दिमागी नक्सल बाहर तो आ गए ? देश तोड़ने वाले मंसूबे पता तो चल गये ? फेसबुक , एक्स हैंडल , व्हाट्सएप और अब तो इंस्टाग्राम भी भरे पड़े हैं उन असंख्य वीडियो से जिनमें राष्ट्रवादी मीडिया मक्कार मीडिया को दौड़ा रहा है । यह मीडिया काकरोचों की हकीकत बता रहा है।

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एक यू ट्यूबर ने तो फेक एजेंडा चलाने वाले अजित अंजुम को इस कदर दौड़ाया कि उसकी भभूत ही झड़ गई । अजीत का यह हाल देखकर रवीश कुमार और पुण्यप्रसून वाजपेयी जैसे यू ट्यूबर मक्कार तो खुद कवरेज करने भी नहीं पहुंचे । सोशल मीडिया पर अभी काकरोच और नेहा बोरा गैंग की परतें उतारी जा रही हैं । कोहनी मार भाई बहन भी राष्ट्रभक्तों के राडार पर आने वाले हैं । सोशल मीडिया पर वे तमाम रील भी डाली जा रही हैं जो प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस पर किए अत्याचारों से पर्दा उठा रहे हैं ।

अभिजीत दीपके एंड कंपनी जब हवाई जहाज से गिरफ्तार की गई तब पूरे देश ने विमान में बैठे अन्य यात्रियों की बातचीत देखी सुनी । आम आदमी इन मक्कारों को कोस रहा था । दादी के संस्कार में भाग लेकर जब दीपके दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा तब आम जनता ने एयरपोर्ट पर उसे ललकारा । काकरोच यूपी में उतरने की हिम्मत नहीं कर रहे । कोई तमाशा करता है तो बाबा की पुलिस उसका इलाज करती है । गौर से देखिए , बंगाल और असम में डंडा इतना सख्त है कि काकरोचों और वामपंथियों में बाहर निकलने की हिम्मत ही नहीं बची । शुभेंदु और हिमंता की लाठी है भी बड़ी बे आवाज ?

नेहा बोरा हों , अभिजीत दीपके या तमाम विपक्ष , सभी राहुल गांधी की कठपुतलियां बन चुके हैं । याद रखिए वामपंथियों को इंदिरा गांधी भी साथ रखती थीं । लेकिन साथी बनाकर नहीं , B team बनाकर । कमाल देखिए , राहुल गांधी को साथ लेकर चलना चाहिए खड़गे को , जयराम रमेश को , वेणुगोपाल को , अखिलेश को , तेजस्वी को और उद्धव ठाकरे को ? वे साथ रखते हैं बहना प्रियंका को और नेहा बोरा को ? उस नेहा बोरा को जिसने कल ही बयान दिया कि बांग्लादेश की तरह भारत में भी सत्ता पलट दो ? राहुल गांधी पहले ही तख्ता पलट की घोषणा कर चुके हैं । तो क्या ज्ञानेश विरोधी होते होते मोदी विरोधी हो गया आंदोलन ?

काकरोच की जबरिया तिरंगा यात्रा पर प्रतिबंध लगाकर दिल्ली पुलिस ने बता दिया कि धोखेबाज़ काकरोच दिल्ली में तो कोई कार्यक्रम कर नहीं पाएंगे । यूपी , बंगाल , असम में कुछ करने की हिम्मत भी नहीं जुटाएंगे काकरोच । महाराष्ट्र में भी आंदोलन नहीं होने देंगे फडणवीस । कांग्रेस और आम आदमी पार्टी शासित राज्यों में कुछ करेंगे ही नहीं काकरोच । दिल्ली बची है जहां कभी सपा तो कभी केजरीवाल का साथ मिल जाता था काकरोच को । अब दिल्ली पुलिस इनकी भभूत झाड़ने की फिराक में है । बात बात पर कोर्ट जाने वालों पर कोर्ट को भी एक्शन लेना चाहिए । अच्छा हो काकरोच अपनी राह देखें , दिल्ली अभी बड़ी दूर है ।

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