अमित सिंघल : शोर,गाली,अनुचित पोस्टर यही रणनीति है..!
आज के फाइनेंसियल टाइम्स में ब्रिटेन की कंजर्वेटिव पार्टी (दक्षिणपंथी) की नेता केमी बेडनॉक (Kemi Badenoch) का इंटरव्यू छपा है।
कंजर्वेटिव पार्टी ने ही मार्गरेट थैचर, बोरिस जॉनसन एवं ऋषि सुनक जैसे प्रधानमंत्री दिए थे।
अगले चुनाव में अगर कंजर्वेटिव पार्टी विजयी होती है तो बेडनॉक ब्रिटेन की प्रधानमंत्री बनेगी।

बेडनॉक बतलाती है कि अगर वे प्रधानमंत्री बन गयी तो वेलफेयर स्पेंडिंग (सब्सिडी इत्यादि) कम कर देंगी; वित्तीय नियमो में ढील देंगी (deregulate the City of London); टैक्स कम कर देंगी, और प्रॉपर्टी खरीद पर स्टैम्प ड्यूटी घटा देंगी।
ध्यान दीजिये – प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवार एक सार्वजनिक प्लेटफॉर्म से कह रही है कि चुनाव जीतकर, प्रधानमंत्री बनने के बाद, वह वेलफेयर स्पेंडिंग (सब्सिडी इत्यादि) कम कर देंगी।
बेडनॉक आगे कहती है कि उनकी पार्टी से सांसदी का टिकट उन लोगो को नहीं दिया जायेगा जो क्लाइमेट चेंज रोकने का समर्थन करते है; मानवाधिकारों पर यूरोपीय संधि का समर्थन करते है।
साथ ही, बेडनॉक पूर्णतया इजराइल का समर्थन करती है (जानकारी के लिए, इस समय ब्रिटेन की सरकार इजराइल के विरोध में है) और कहती है कि इज़राइली पश्चिम सभ्यता के युद्ध में प्रथम पंक्ति में खड़ा हैं।
फिर वे कहती है है कि सभी संस्कृतियाँ समान रूप से सही नहीं होतीं क्योकि कुछ सभ्यताओं में महिलाओ के अधिकारों का हनन किया जाता है। जब पत्रकार पूछता है कि वह स्पष्ट रूप से क्यों नहीं कहती है कि वे मुस्लिम के बारे में यह वक्तव्य दे रही है, तब बेडनॉक बयान देती है कि पत्रकार उनसे स्पष्ट उत्तर चाहते है जिससे समाचारपत्रों को भड़काऊ हेडलाइन मिल सके।
वैसे बेडनॉक की माता जी नाइजीरिया से ब्रिटेन बेडनॉक को जन्म देने के लिए आयी थी, जिससे उनकी पुत्री (केमी) को ब्रिटिश नागरिकता मिल सके, यद्यपि बेडनॉक इसका खंडन करती है।
विवाह पूर्व बेडनॉक का नाम था: ओलुकेमी ओलुफूंटो आडेगोके (Olukemi Olufunto Adegoke)।
भारत के सन्दर्भ में बात घूमफिरकर वहीं आ जाती है। क्या एक भी विपक्षी नेता वेलफेयर स्पेंडिंग (सब्सिडी इत्यादि) कम करने का वादा कर रहा है? या फिर, SC-ST एक्ट एवं आरक्षण को समाप्त या कम करने की प्रतिज्ञा कर रहा है? इजराइल के समर्थन में खड़ा है?
भाजपा एक सत्तापक्ष पार्टी है। आप उसे हरा देंगे। सहमत। हरा दीजिए। आखिरकार आप जनता जनार्दन है।
लेकिन क्या सम्पूर्ण विपक्ष का एक भी नेता आपकी मांग के समर्थन में सार्वजनिक मंच से खड़ा है? एक भी सांसद? एक भी विधायक?
एक भी?
यही आपकी दयनीय स्थिति है।
आप केवल शोर मचा सकते है; अभद्र भाषा का प्रयोग कर सकते है; अनुचित पोस्टर चिपका सकते है; गाली दे सकते है। बस यहीं तक आपकी रणनीति सीमित है।


