सुरेंद्र किशोर : ‘अयोध्या’ में भाजपा की हार नहीं हुई
टी.वी.चैनलों पर बैठ कर अनेक भाजपा विरोधी प्रवक्ता गण अक्सर यह झूठ परोसते रहते हैं कि अयोध्या में भी भाजपा हार गई।
अयोध्या नाम से विधान सभा क्षेत्र है (न कि लोक सभा क्षेत्र) जिसमें राम मंदिर अवस्थित है,उस अयोध्या में भाजपा नहीं हारी।

पर इतनी मामूली जानकारी भाजपा प्रवक्ताओं को भी नहीं है,इसलिए वे चैनलों पर लगातार परोसे जा रहे इस झूठ का कभी खंडन नहीं करते।याद रहे अयोध्या नाम भावना से जुड़ा हुआ है,इसलिए इस पर भाजपा प्रवक्ताओं को सतर्क रहना चाहिए।
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सन 2024 के लोक सभा चुनाव में फैजाबाद लोक सभा क्षेत्र के
भीतर के अयोध्या विधान सभा खंड में सपा की हार हुई थी।उस खंड में भाजपा की जीत हुई थी।पर,अयोध्या में भाजपा की हार का झूठा प्रचार करके यह बात फैलाने की कोशिश की जाती है कि राम मंदिर आंदोलन का भी कोई लाभ भाजपा को नहीं मिला।
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सन 2019 के लोस चुनाव की अपेक्षा 2024 के लोस चुनाव में भाजपा को अखिल भारतीय स्तर पर अपेक्षाकृत अधिक वोट मिले।
सन 2019 के लोक सभा चुनाव में भाजपा को देश में कुल मिलाकर 22 करोड़ 90 लाख वोट मिले थे।
जबकि 2024 के लोक सभा चुनाव में देश में भाजपा को 23 करोड़ 59 लाख वोट मिले।
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याद रहे 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में नव निर्मित राम लला मंदिर का समारंभ हुआ था।
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देश बड़ा है या फैजाबाद ?
देश बड़ा या उत्तर प्रदेश ?
रामलला विराजमान को ध्यान में रखें तो भी सवाल उठता है कि भावनात्मक दृष्टि से अयोध्या बड़ी है या फैजाबाद ?
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यदि चुनावों में मिले मतों की संख्या ही राम भक्ति का आधार माना जाए तो अयोध्या विधान सभा चुनाव क्षेत्र में सपा भक्तों की अपेक्षा रामभक्तों की संख्या 4500 अधिक मानी जाएगीं।
2022 में हुए उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में भी अयोध्या विधान सभा क्षेत्र में भाजपा को अन्य दलों से अधिक वोट मिले थे।यानी रामलला की लगातार कृपा किस पर रही ?
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अयोध्या विधान सभा चुनाव क्षेत्र, फैजाबाद लोक सभा क्षेत्र का एक हिस्सा है।
फैजाबाद लोक सभा क्षेत्र में कुल मिलाकर सपा को करीब 49 प्र्रतिशत और भाजपा को 44 प्रतिशत वोट मिले।वहां भी सिर्फ पांच प्रतिशत का फर्क।
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2024 के लोस चुनाव में राष्ट्रीय स्तर पर एन.डी.ए.को प्रतिपक्षी दलों की अपेक्षा अधिक सीटें आईं ।
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यदि राम मंदिर ही मुद्दा था तो इस रिजल्ट के
क्या नतीजे निकलते हैं ?
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उत्तर प्रदेश में लोक सभा की अपेक्षाकृत अधिक सीटें सपा को मिलीं।भाजपा को कम सीटें मिलीं।
यानी, राज्य स्तर पर राम मंदिर का जादू नहीं चला न ही मोदी का जादू चला।कोई दूसरा ही ‘जादू’ चल गया !!!
वह जार्ज सोरोस के पैसे का ‘जादू’ था।
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अब फैजाबाद लोक सभा सीट पर आइए।
सन 2024 का रिजल्ट इस प्रकार है–
सपा को 48.59 प्रतिशत मत मिले
भाजपा को 43.81 प्रतिशत मत मिले।
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यानी, फैजाबाद लोक सभा क्षेत्र कें करीब 44 प्रतिशत मतदातागण ही रामभक्त हैं,यदि चुनाव का मुद्दा राम मंदिर है तो।
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अयोध्या विधान सभा क्षेत्र
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सन 2024 के लोक सभा चुनाव में अयोध्या विधान सभा सेगमेंट में सपा की अपेक्षा भाजपा को 4500 वोट अधिक मिले।
यानी, रामजन्मभूमि में ,जहां रामलला विराजमान हैं,रामभक्तों की संख्या समाजवादी पार्टी के भक्तों की अपेक्षा, अधिक है।
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उपर्युक्त आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए जो भी नतीजा निकालना हो, आप खुद ही निकाल लीजिए।आप तो खुद ही चतुर सुजान हैं।
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और अंत में
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2024 के लोक सभा चुनाव में यू.पी. में भाजपा की अपेक्षा प्रतिपक्ष को अधिक सीटें मिलीं।
पर,नवंबर 2024 में यू.पी.के नौ विधान सभा क्षेत्रों में जो उप चुनाव हुए,उसमें किसे कितनी सीटें मिलीं ?
सपा को नौ में सिर्फ 2 सीटें मिलंीं।
राज को नौ में 7 सीटें मिलीं।
2027 के यू.पी.विधान सभा चुनाव नतीजे का पूर्वानुमान 2024 के लोक सभा चुनाव नतीजे को आधार बना कर किया जाएगा या नंवबर, 2024 यानी बाद के उप चुनावों के नतीजों को आधार मान कर ?
विधान सभा का चुनाव मुख्यतः राज्य के मुद्दों पर लड़ा जाता है।लोक सभा चुनाव के मुद्दे अधिक राष्ट्रीय होते हंै।
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8 अक्तूबर 26


